भागलपुर | सुल्तानगंज
भागलपुर–सुल्तानगंज–मुंगेर–मिर्जाचौकी फोरलेन निर्माण कार्य में बरती गई तकनीकी और प्रशासनिक लापरवाही अब ग्रामीणों के लिए गंभीर संकट का कारण बनती जा रही है। नगर परिषद सुल्तानगंज अंतर्गत नारायणपुर गांव का प्राकृतिक नाला फोरलेन निर्माण के दौरान बंद हो जाने से गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में जलनिकासी पूरी तरह ठप हो गई है।
स्थिति यह हो गई है कि खेतों में पानी भरने लगा है, जिससे हजारों किसानों की फसल बर्बाद होने की आशंका गहराती जा रही है। इस गंभीर समस्या को लेकर नारायणपुर गांव के ग्रामीणों ने बुधवार को एकजुट होकर फोरलेन निर्माण कार्य को रोक दिया और विरोध प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों का कहना है कि फोरलेन निर्माण के कारण वर्षों से चला आ रहा नाला पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। इस नाले के माध्यम से ही गांव और आसपास के कृषि क्षेत्रों का पानी निकलता था। पानी की निकासी बंद होने से धान, गेहूं और सब्जी की फसल को भारी नुकसान होने की संभावना है।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इस समस्या को लेकर पहले ही संबंधित विभाग को लिखित आवेदन देकर अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक न तो नाले का निर्माण किया गया और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई। ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक नाला निर्माण कर पानी की निकासी सुनिश्चित नहीं की जाएगी, तब तक फोरलेन का काम नहीं चलने दिया जाएगा।
इस पूरे मामले ने फोरलेन परियोजना की योजना और क्रियान्वयन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विकास कार्य करते समय स्थानीय भौगोलिक स्थिति और जलनिकासी व्यवस्था की अनदेखी की जा रही है, जिसका खामियाजा किसानों और आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान दर्जनों ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे और प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग और प्रशासन इस गंभीर समस्या को कितनी गंभीरता से लेते हैं और क्या फोरलेन निर्माण के साथ-साथ ग्रामीणों की जीवनरेखा माने जाने वाले नाले का निर्माण कराया जाता है या नहीं।
रिपोर्ट — खुर्रम शब्बार, भागलपुर
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