गोड्डा: संथाल परगना की सांस्कृतिक आस्था और परंपरा का प्रतीक बसंतराय का ऐतिहासिक बिसुआ मेला मंगलवार को श्रद्धा और उल्लास के बीच भव्य रूप से प्रारंभ हो गया। बसंतराय तालाब में आस्था की डुबकी के साथ मेले की शुरुआत हुई, जहां हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
मेले का विधिवत उद्घाटन झारखंड सरकार के उद्योग, श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास मंत्री संजय प्रसाद यादव ने दीप प्रज्वलित कर किया। अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से बिसुआ मेला को राजकीय मेला का दर्जा मिला है, जिससे इसकी पहचान और भी व्यापक हुई है।
मंत्री संजय प्रसाद यादव ने मेले के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में बसंतराय तालाब का सौंदर्यीकरण किया जाएगा, बोटिंग सुविधा शुरू की जाएगी तथा दुकानों का निर्माण कराया जाएगा, जिससे क्षेत्र में पर्यटन और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि बिसुआ मेला न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह क्षेत्र की आर्थिक और सांस्कृतिक समृद्धि का भी प्रतीक है, जहां हर वर्ष झारखंड के साथ-साथ ओडिशा, पश्चिम बंगाल और बिहार से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार, उप विकास आयुक्त दीपक कुमार दूबे, अपर समाहर्ता प्रेमलता मुर्मू, अनुमंडल पदाधिकारी वैद्यनाथ उरांव सहित कई वरीय पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान सभी अतिथियों ने भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्रशासन की ओर से मेले में सुरक्षा, साफ-सफाई, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और यातायात व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
बसंतराय का यह ऐतिहासिक बिसुआ मेला एक बार फिर आस्था, परंपरा और उत्सव के संगम के रूप में लोगों को आकर्षित कर रहा है।














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