पीरपैंती थाना क्षेत्र की महिला ने रिश्वत लेने और आधी रात को घर में घुसकर आपत्तिजनक हरकत करने का आरोप लगाया, इंसाफ न मिलने पर विधायक से लगाई गुहार; पुलिस ने जांच का भरोसा दिया
रिपोर्ट — खुर्रम शब्बर, भागलपुर
भागलपुर जिले के पीरपैंती थाना क्षेत्र से सामने आया यह मामला न केवल पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि जब एक आम महिला को थाने से न्याय नहीं मिलता, तो उसे सत्ता के दरवाजे तक जाना पड़ता है। ग्राम मलिकपुर, तुरी टोला की रहने वाली पीड़िता ने पीरपैंती थाना में तैनात SI राज नारायण सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
पीड़िता के अनुसार, 23 फरवरी 2025 को पड़ोसियों से हुए विवाद के बाद पीरपैंती थाने में दोनों पक्षों की ओर से मामला दर्ज किया गया। उस समय महिला के पति रोज़गार के सिलसिले में मुंबई में वाहन चलाने का कार्य कर रहे थे, बावजूद इसके उनका नाम प्राथमिकी में जोड़ दिया गया। बाद में वेरिफिकेशन के दौरान तत्कालीन कहलगांव DSP-2 अर्जुन कुमार गुप्ता ने जांच के बाद पति का नाम FIR से हटाया।
महिला का आरोप है कि इसी दौरान, जब उनके पति बाहर थे और ससुर जेल में बंद थे, तब SI राज नारायण सिंह ने उनकी मजबूरी का फायदा उठाते हुए आधी रात को घर में घुसकर सोते समय कंबल उठाकर देखने जैसी आपत्तिजनक हरकत की। महिला ने यह भी दावा किया है कि पति का नाम केस से हटाने के एवज में SI को 15 हजार रुपये दिए गए।
लगातार पुलिसिया दबाव और कथित उत्पीड़न से परेशान महिला ने अंततः क्षेत्र के वर्तमान विधायक मुरारी पासवान से गुहार लगाई। शिकायत मिलते ही विधायक मुरारी पासवान स्वयं पीरपैंती थाना पहुंचे और थानाध्यक्ष नीरज कुमार से पूरे मामले पर जवाब तलब किया। विधायक ने महिला से कथित रूप से लिए गए पैसे तत्काल वापस कराने की बात कहते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
वहीं, थानाध्यक्ष नीरज कुमार ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। फिलहाल मामला जांच के दायरे में है, लेकिन इस घटना ने महिला सुरक्षा, पुलिस की जवाबदेही और न्याय प्रणाली की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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