गोड्डा। महागामा–मेहरमा रेल परियोजना से प्रभावित भूमि स्वामियों (रैयतों) के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। वर्षों से मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहे रैयतों को शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सोमवार को महागामा अंचल कार्यालय परिसर में विशेष भू-अर्जन मुआवजा भुगतान शिविर लगाया गया। शिविर में बड़ी संख्या में रैयत पहुंचे और अपने आवश्यक दस्तावेज जमा कर भुगतान प्रक्रिया की औपचारिकताएं पूरी कीं।
शिविर में महागामा–मेहरमा रेलखंड के अंतर्गत मौजा खुटहरी के भू-अर्जन से प्रभावित हितबद्ध रैयतों से क्षतिपूर्ति भुगतान के लिए आवश्यक दस्तावेज एवं बंद पत्र प्राप्त किए गए। जिला भू-अर्जन विभाग के अधिकारियों ने दस्तावेजों का सत्यापन कर भुगतान प्रक्रिया को तेज, सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
शिविर की खास बात यह रही कि रैयतों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े। अधिकारियों ने मौके पर ही उनकी समस्याएं सुनीं, आवश्यक दस्तावेजों की जांच की और भुगतान प्रक्रिया से जुड़ी शंकाओं का समाधान किया। पात्र लाभुकों को आश्वस्त किया गया कि सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद मुआवजा राशि का भुगतान जल्द किया जाएगा।
जिला प्रशासन ने जानकारी दी कि महागामा के बाद अब मेहरमा अंचल के प्रभावित रैयतों के लिए भी विशेष भुगतान शिविर आयोजित किए जाएंगे। ये शिविर 21 से 23 जुलाई तथा 28 से 29 जुलाई तक मेहरमा अंचल कार्यालय में लगाए जाएंगे। प्रशासन ने सभी प्रभावित भूमि स्वामियों से निर्धारित तिथियों पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर भुगतान प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है।
प्रशासन का कहना है कि विशेष शिविरों के माध्यम से भू-अर्जन मुआवजा भुगतान को पारदर्शी, समयबद्ध और जनहितकारी बनाया जा रहा है, ताकि प्रभावित रैयतों को बिना अनावश्यक देरी के उनका हक मिल सके और महागामा–मेहरमा रेल परियोजना का निर्माण कार्य भी तेजी से आगे बढ़ सके।
