बाल विवाह, बाल श्रम और तस्करी रोकने के लिए सभी विभागों को मिलकर काम करने के निर्देश; चाइल्ड हेल्पलाइन की हर शिकायत पर त्वरित कार्रवाई होगी
Edit:Shahin Khan
गोड्डा,
जिले में बाल संरक्षण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त लोकेश मिश्रा ने स्पष्ट कर दिया है कि बच्चों की सुरक्षा और पुनर्वास से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को शोकॉज नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।
बुधवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU) की समीक्षात्मक बैठक में उपायुक्त ने बाल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं और संस्थाओं के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संकटग्रस्त, अनाथ, परित्यक्त और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें तत्काल सहायता, सुरक्षा और पुनर्वास उपलब्ध कराया जाए।
बैठक में बाल विवाह, बाल श्रम और बाल तस्करी जैसे गंभीर मुद्दों पर विशेष चर्चा हुई। उपायुक्त ने पुलिस, शिक्षा, श्रम, समाज कल्याण तथा अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ नियमित अभियान चलाने और ऐसे मामलों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि चाइल्ड हेल्पलाइन पर आने वाली प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध निष्पादन किया जाए और सभी मामलों की नियमित मॉनिटरिंग हो। किसी भी शिकायत को लंबित रखने या कार्रवाई में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ जवाबदेही तय की जाएगी।
उपायुक्त ने विद्यालयों और पंचायत स्तर पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का भी निर्देश दिया, ताकि बच्चों और अभिभावकों को उनके अधिकारों, सरकारी योजनाओं तथा सहायता सेवाओं की जानकारी मिल सके। उन्होंने बाल संरक्षण से जुड़े सभी संस्थानों का नियमित निरीक्षण कर बच्चों के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और संवेदनशील वातावरण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
बैठक में उप विकास आयुक्त विस्पुते श्रीकांत यशवंत, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी, चाइल्ड हेल्पलाइन, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड तथा विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
