सत्यजीत रे फिल्म संस्थान के सहयोग से प्रतिभाओं की होगी खोज, प्रशिक्षण और संवर्धन; संस्कृति, रोजगार और पर्यटन को मिलेगा नया आयाम।
Edit: Shahin Khan
रांची। झारखंड को खेल के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के बाद अब राज्य सरकार फिल्म उद्योग को भी बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्पष्ट संकेत दिए कि झारखंड को फिल्म निर्माण और रचनात्मक उद्योग का नया केंद्र बनाने की तैयारी शुरू हो चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की सांस्कृतिक विरासत, लोककला और रचनात्मक प्रतिभा राज्य की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने पद्मश्री डॉ. रामदयाल मुंडा की प्रसिद्ध उक्ति “जे नाची से बाची” का उल्लेख करते हुए कहा कि झारखंड के हर गांव और हर समाज में कलाकार मौजूद हैं, लेकिन अवसरों के अभाव में उनकी प्रतिभा सामने नहीं आ पाती।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार सत्यजीत रे फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान के सहयोग से ऐसे छिपे कलाकारों की पहचान करेगी, उन्हें प्रशिक्षण देगी और अभिनय, फिल्म निर्माण, पटकथा, संगीत व तकनीकी क्षेत्रों में आगे बढ़ने का अवसर उपलब्ध कराएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल केवल फिल्म उद्योग तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और झारखंड की संस्कृति वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाएगी।
उन्होंने सभी कलाकारों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार उनकी प्रतिभा को मंच देने और झारखंड को देश के उभरते फिल्म हब के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
