गोड्डा। जिले में परिवहन व्यवस्था की लापरवाही अब यात्रियों की जान पर भारी पड़ती दिख रही है। गोड्डा से निकलने वाली कई यात्री बसों में क्षमता से दोगुने से भी अधिक यात्रियों को भरकर खुलेआम परिचालन किया जा रहा है। ताजा मामले में 40 से 50 सीटों वाली एक बस में करीब 100 से अधिक यात्रियों को ठूंस-ठूंस कर सफर कराया जा रहा था। बस के अंदर बैठने तक की जगह नहीं थी और दर्जनों यात्री खड़े होकर जान जोखिम में डालकर यात्रा कर रहे थे।
मामले की जानकारी लेने पर बस चालक ने कहा, “मेरा काम सिर्फ गाड़ी चलाना है। यात्री बैठाना, टिकट काटना और बुकिंग करना खलासी या टिकट काटने वाले का काम है।”
जब चालक से पूछा गया कि यदि इस ओवरलोड बस का हादसा हो जाए तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा, तो उसने चौंकाने वाला जवाब देते हुए कहा, “जिसकी किस्मत में जो लिखा होगा, वही होगा।” चालक का यह बयान यात्रियों की सुरक्षा के प्रति गंभीर लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैये को दर्शाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई एक बस का मामला नहीं है, बल्कि गोड्डा से निकलने वाली लगभग हर यात्री बस में क्षमता से कहीं अधिक यात्रियों को बैठाकर सफर कराया जाता है। इसके बावजूद परिवहन विभाग और जिला प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से यह खतरनाक प्रवृत्ति लगातार जारी है।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ओवरलोड बसों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। नागरिकों ने जिला प्रशासन, परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि नियमित जांच अभियान चलाकर ओवरलोड वाहनों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
