दुमका: रामगढ़–गुहियाजोरी मुख्य मार्ग पर महुबना के तीखे मोड़ ने एक बार फिर तेज़ रफ्तार और ओवरलोडिंग की कीमत जान देकर चुकवाई। मंगलवार देर रात करीब 11 बजे दो हाइवा के बीच हुई भीषण टक्कर में एक चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे हाइवा का चालक गंभीर रूप से घायल हो गया।
ग्रामीणों के मुताबिक, जेएच 15 जेड 8186 नंबर की हाइवा पंचर होने के कारण सड़क किनारे खड़ी थी। चालक और उपचालक टायर बदल रहे थे, तभी रामगढ़ की ओर से आ रही जेएच 15 एके 4731 हाइवा ने खड़ी गाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी। मरम्मत कर रहा चालक सीधे चपेट में आ गया और उसकी घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
ओवरलोडिंग और अंधेरे मोड़ का खतरनाक मेल
स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों हाइवा गिट्टी से ओवरलोड थीं। तीखा मोड़, रात का समय और भारी वाहन—इन तीनों का संयोजन हादसे को न्योता देता है। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या सड़क पर पर्याप्त चेतावनी संकेत और रिफ्लेक्टर मौजूद थे?
एक ही मालिक की आशंका
ग्रामीणों ने बताया कि दोनों वाहनों पर “केएच” का लोगो लगा था, जिससे यह कयास लगाया जा रहा है कि संभवतः दोनों एक ही मालिक के हो सकते हैं। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पुलिस की कार्रवाई
रामगढ़ थाने की पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घायल चालक का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, रामगढ़ में जारी है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है—ओवरलोडिंग, लापरवाही और सुरक्षा मानकों के पालन की पड़ताल की जा रही है।
यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार, ओवरलोडिंग और सड़क सुरक्षा के प्रति लापरवाही का कड़वा सच भी है। स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि महुबना मोड़ पर स्थायी चेतावनी संकेत, स्पीड कंट्रोल और रात में पेट्रोलिंग की व्यवस्था सख्त की जाए, ताकि आगे किसी परिवार को ऐसा दुख न झेलना पड़े।















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