गोड्डा।
घरेलू विवाद के बाद पिछले दिनों गोड्डा में हुई गोली कांड से जुड़ा एक मामला अब पूरे न्यायिक तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। गोलीकांड में घायल महिला वंदना कुमारी ने सामने आकर सनसनीखेज बयान दिया है। उनका आरोप है कि उन पर गोली उनके ही पति—समस्तीपुर में पदस्थापित जुडिशियल मजिस्ट्रेट संतोष साह—ने चलवाई थी।
पीड़िता के अनुसार, उन्होंने अपने पति के खिलाफ न्यायालय में मेंटेनेंस (भरण-पोषण) का मामला दायर किया था, जो अब अंतिम चरण में पहुंच चुका था। अदालत द्वारा मेंटेनेंस की राशि तय किया जाना शेष था। इसी बीच, फैसले से पहले उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश रची गई।
🗣️ “गोली मेरे पति ने चलवाई” — वंदना कुमारी का बयान
वंदना कुमारी ने स्पष्ट आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पति ने अपने भाई के माध्यम से उन पर जानलेवा हमला करवाया। उनका कहना है कि यह हमला पूरी तरह पूर्व नियोजित था और इसका मकसद अदालत के संभावित फैसले को प्रभावित करना था।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें लंबे समय से मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना दी जा रही थी। जब उन्होंने कानून का सहारा लिया और कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, तो उन्हें जान से मारने की कोशिश की गई।
⚖️ न्यायपालिका की साख पर उठे गंभीर सवाल
एक जुडिशियल मजिस्ट्रेट पर इस तरह के आरोप सामने आने के बाद न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि न्यायपालिका की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला कानून के रक्षक द्वारा कानून के दुरुपयोग का गंभीर उदाहरण माना जाएगा।
🚨 जांच एजेंसियों पर बढ़ा दबाव
घटना के बाद पुलिस और जांच एजेंसियों की भूमिका पर सभी की निगाहें टिकी हैं। पीड़िता की ओर से निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र जांच की मांग की जा रही है। साथ ही वंदना कुमारी और उनके परिवार की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
❗ पीड़िता की मांग
वंदना कुमारी ने प्रशासन और न्यायिक व्यवस्था से मांग की है कि—
उन्हें और उनके परिवार को तत्काल सुरक्षा प्रदान की जाए
मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए
दोषियों को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दी जाए
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