रिपोर्ट: फैजान खान | भागलपुर
भागलपुर में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बबरगंज थाना क्षेत्र स्थित सरयू देवी मोहनलाल बालिका उच्च विद्यालय की दसवीं कक्षा की दो नाबालिग छात्राएं पिछले सात दिनों से लापता हैं। दोनों छात्राएं परीक्षा का एडमिट कार्ड लेने के लिए घर से स्कूल निकली थीं, लेकिन इसके बाद वे न घर लौटीं और न ही उनका कोई सुराग मिल पाया।
परिजनों द्वारा बबरगंज थाना में दिए गए लिखित आवेदन के बाद पुलिस ने जांच शुरू की है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, मोबाइल लोकेशन ट्रेस की जा रही है और छात्राओं के संपर्क में रहे लोगों से पूछताछ की जा रही है।
मामले ने उस वक्त और भयावह मोड़ ले लिया जब इसी विद्यालय की एक छात्रा ने सितंबर 2025 में अपने साथ हुए अपहरण की आपबीती सामने रखी। पीड़िता के अनुसार, उसकी ही एक सहेली ने साजिश के तहत उसे बहला-फुसलाकर भागलपुर जंक्शन ले जाया, जहां मानव तस्करी से जुड़े लोगों को सौंप दिया गया। बाद में उसे उत्तर प्रदेश ले जाया गया और किडनी के सौदे की बात भी सामने आई। किसी तरह वह छात्रा बचकर लौट पाई।
अब उसी छात्रा ने आशंका जताई है कि जिस पैटर्न पर उसका अपहरण हुआ, उसी तरीके से लापता छात्राओं के साथ भी वारदात हो सकती है। इस खुलासे के बाद स्कूल में पढ़ने वाली अन्य छात्राओं में डर का माहौल है। कई छात्राएं स्कूल और ट्यूशन तक जाने से घबरा रही हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
मामले पर भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार ने बताया कि पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है और विशेष टीम गठित की गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही दोनों छात्राओं को सुरक्षित बरामद कर लिया जाएगा।
फिलहाल यह घटना न सिर्फ एक गुमशुदगी का मामला बनकर रह गई है, बल्कि इसने भागलपुर में छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। डरे-सहमे परिजन और छात्राएं अब सिर्फ पुलिस कार्रवाई और सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं।















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