रांची।
झारखंड के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण होगा, जब राज्य पहली बार वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम जैसे प्रतिष्ठित वैश्विक मंच पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराएगा। मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने प्रस्तावित दावोस (स्विट्जरलैंड) एवं यूनाइटेड किंगडम (लंदन) दौरे की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में झारखंड से 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की वार्षिक बैठक में भाग लेगा। इस सम्मेलन में विश्व के प्रमुख निवेशक, उद्योगपति और नीति-निर्माता शामिल होंगे। राज्य सरकार इस अवसर पर झारखंड की खनिज संपदा, औद्योगिक आधारभूत संरचना, सतत विकास आधारित नीतियों, पर्यटन संभावनाओं और निवेश के अवसरों को वैश्विक निवेशकों के समक्ष प्रस्तुत करेगी।
दावोस यात्रा के बाद प्रतिनिधिमंडल यूनाइटेड किंगडम (लंदन) का दौरा करेगा, जहां संस्थागत, शैक्षणिक एवं निवेश आधारित सहयोग पर संवाद प्रस्तावित है। इसके साथ ही नीति एवं ज्ञान आधारित विमर्श तथा भारतीय प्रवासी समुदाय के साथ भी मुख्यमंत्री संवाद करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दौरा झारखंड में निवेश आकर्षित करने, औद्योगिक विकास को गति देने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। दावोस और लंदन प्रवास के दौरान उद्योगपतियों, निवेशकों और संस्थागत प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर दीर्घकालिक सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी।
राज्य सरकार का मानना है कि यह अंतरराष्ट्रीय सहभागिता झारखंड को वैश्विक निवेश मानचित्र पर नई पहचान दिलाने में सहायक सिद्ध होगी।















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