स्वतंत्रता, संविधान और राष्ट्र निर्माण की विरासत को मजबूती से आगे बढ़ाने का संकल्प
रिपोर्ट: शाहीन खान
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की 140 वर्षों की गौरवशाली यात्रा, स्वतंत्रता संग्राम की अमर गाथा और संविधान की आत्मा को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य आज यदि कोई नेता पूरी निष्ठा, समझ और प्रतिबद्धता के साथ कर रहा है, तो वे हैं झारखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रदीप यादव।
28 दिसंबर को कांग्रेस स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदीप यादव ने स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आधुनिक भारत के निर्माण तक कांग्रेस की ऐतिहासिक भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि “कांग्रेस केवल एक पार्टी नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है।”
उन्होंने 1942 के करो या मरो आंदोलन, सुभाष चंद्र बोस और आज़ाद हिंद फ़ौज के त्याग, तथा 1947 की आज़ादी के पीछे कांग्रेस के बलिदानों को याद करते हुए कहा कि इन्हीं संघर्षों ने भारत को एक संप्रभु राष्ट्र बनाया।
प्रदीप यादव ने संविधान को भारत की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए डॉ. राजेन्द्र प्रसाद और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के योगदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि मौलिक अधिकार, धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक न्याय और समानता कांग्रेस की देन हैं। गांधीजी की समावेशी सोच और सरदार पटेल द्वारा किए गए राष्ट्रीय एकीकरण को उन्होंने आधुनिक भारत की नींव बताया।
राष्ट्र निर्माण में कांग्रेस की भूमिका पर बोलते हुए प्रदीप यादव ने पंडित जवाहरलाल नेहरू की पंचवर्षीय योजनाओं, बाँधों और IIT जैसे संस्थानों, लाल बहादुर शास्त्री की हरित क्रांति, इंदिरा गांधी के बैंकों के राष्ट्रीयकरण और ‘गरीबी हटाओ’ अभियान, राजीव गांधी की आईटी क्रांति, मनमोहन सिंह के आर्थिक सुधारों तथा UPA सरकार के मनरेगा, आरटीआई और शिक्षा के अधिकार जैसे ऐतिहासिक कदमों को भारत को सशक्त बनाने वाला बताया।
उन्होंने लाला लाजपत राय, महात्मा गांधी, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी जैसे शहीदों को नमन करते हुए कहा कि उनके त्याग और बलिदान आज भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
प्रदीप यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कांग्रेस आज भी सत्य, अहिंसा, एकता और सद्भाव के मार्ग पर चलते हुए समानता और गौरवशाली भारत के निर्माण के लिए संकल्पबद्ध है।
अंत में उन्होंने कहा—
“कांग्रेस की विचारधारा ही देश को जोड़ने वाली शक्ति है, और हम सब मिलकर संविधान और लोकतंत्र की रक्षा करेंगे।”















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