VB-GRAMG 2025 कानून से मजदूरों के हक पर चोट, कार्यकर्ताओं ने शहीद स्तंभ पर किया जोरदार धरना”
रिपोर्ट: शाहीन खान
गोड्डा: केंद्रीय समिति झारखंड मुक्ति मोर्चा, रांची के निर्देश पर गोड्डा जिला झारखंड मुक्ति मोर्चा समिति ने सोमवार को शहीद स्तंभ गुड्डा पर मनरेगा कानून को बदलकर लाए जा रहे VB-GRAMG कानून 2025 के विरोध में एकदिवसीय धरना कार्यक्रम किया। कड़ाके की ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता ढोल, नगाड़े, झंडे और बैनर के साथ उपस्थित रहे और जोर-शोर से नारे लगाए—“VB-GRAMG कानून 2025 वापस लो, मनरेगा कानून लागू करो, हेमंत सोरेन जिंदाबाद, शिबू सुरेन अमर रहें।”
जिला अध्यक्ष प्रो. प्रेम नन्दन कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि मनरेगा कानून 2005 मजदूरों के लिए सुरक्षा कवच था, जिसमें वर्ष भर में 100 दिन काम की गारंटी और महिला श्रमिकों के बच्चों के लिए सुरक्षित व्यवस्था भी शामिल थी। उन्होंने बताया कि नए कानून में केंद्र का योगदान घटकर 60% और राज्य का बढ़कर 40% कर दिया गया है, जिससे मजदूरों के हक और अधिकारों पर गंभीर चोट लगी है।
कुमार ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार का उद्देश्य मजदूरों को बेरोजगार करना और मनरेगा जैसी सुरक्षा योजनाओं को कमजोर करना है। उन्होंने कहा कि मनरेगा जैसे कानून कोरोना काल में प्रवासी मजदूरों के लिए जीवनदायिनी साबित हुए। भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी जैसे महापुरुषों के नामों को बदलकर भाजपा ने अपनी ‘कुत्सित मानसिकता’ का परिचय दिया है और मजदूर वर्ग आगामी चुनाव में इसका जवाब देगा।
कार्यक्रम में पार्टी के सभी वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे और उन्होंने अपने विचार साझा किए। कार्यकर्ताओं ने पूरे जोश और उत्साह के साथ विरोध प्रदर्शन किया और सरकार की नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।
विशेषतौर पर इस धरने ने यह सवाल खड़ा कर दिया कि क्या केंद्र सरकार धीरे-धीरे मौजूदा कानूनों और सामाजिक योजनाओं में बदलाव करके आम जनता, खासकर मजदूर और गरीब वर्ग, के हितों को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
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