पेसा की मंजूरी से झारखंड में स्वशासन का उत्सव, जनजातीय समाज ने जताया गर्व
रिपोर्ट: शाहीन खान
रांची।
झारखंड में पेसा नियमावली को मंजूरी मिलने के बाद राज्यभर में उत्साह और गर्व का माहौल है। इस ऐतिहासिक फैसले के स्वागत में रांची में जनजातीय स्वशासन महोत्सव का आयोजन किया गया, जहां जनजातीय समाज ने अपने अधिकार, आत्मसम्मान और स्वशासन की भावना को उत्सव के रूप में अभिव्यक्त किया।
महोत्सव के दौरान यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि पेसा नियमावली ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक मजबूत और निर्णायक कदम है। इससे जनजातीय समाज को अपने संसाधनों, परंपराओं और स्थानीय निर्णयों में अधिक अधिकार और भूमिका मिलेगी।
इस अवसर पर जनजातीय प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री आवास तक पैदल मार्च किया। यह मार्च जनभागीदारी, लोकतांत्रिक चेतना और परंपराओं के सम्मान से सशक्त होते लोकतंत्र का प्रतीक बनकर उभरा।
मंत्री दीपिका पांडे सिंह द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पेसा नियमावली का उद्देश्य ग्राम सभाओं को निर्णय की वास्तविक शक्ति देना और जनजातीय समाज को संवैधानिक अधिकारों के साथ आगे बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि सरकार जनजातीय स्वशासन की भावना को जमीन पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है।
राज्यभर में पेसा नियमावली को लेकर दिख रहा उत्साह इस बात का संकेत है कि झारखंड में लोकतंत्र अब ग्राम सभा और जनजातीय अस्मिता को केंद्र में रखकर आगे बढ़ रहा है।
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