Samacharaajtak Jharkhand

Truth Over Fear

स्वास्थ्य शिक्षा में झारखंड की ऐतिहासिक छलांग: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पहले ‘झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ़ हेल्थ साइंसेज’ को जल्द शुरू करने के दिए निर्देश”

राज्य में मेडिकल, नर्सिंग और पैरामेडिकल शिक्षा को मिलेगी नई दिशा, हजारों युवाओं के लिए खुलेंगे अवसर

रिपोर्ट: शाहीन खान

रांची।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में स्थापित होने वाले पहले झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ़ हेल्थ साइंसेज (JUHS) को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय को शीघ्र संचालित करने के लिए सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का स्पष्ट निर्देश अधिकारियों को दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य शिक्षा किसी भी राज्य की रीढ़ होती है और झारखंड में एक समर्पित हेल्थ साइंसेज यूनिवर्सिटी का गठन राज्य को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने अधिकारियों को प्रशासनिक, शैक्षणिक और अधोसंरचना से जुड़ी सभी बाधाओं को दूर करते हुए काम में तेजी लाने को कहा।

झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ़ हेल्थ साइंसेज से क्या होंगे बड़े फायदे?

स्वास्थ्य शिक्षा को मिलेगी एकीकृत पहचान

अब राज्य के मेडिकल, डेंटल, नर्सिंग, फार्मेसी और पैरामेडिकल कॉलेज एक ही विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित होंगे, जिससे शिक्षा व्यवस्था अधिक संगठित और पारदर्शी बनेगी।

छात्रों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा

अब झारखंड के छात्रों को मेडिकल और हेल्थ साइंसेज की उच्च शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। इससे समय, पैसा और संसाधनों की बचत होगी।

परीक्षा और डिग्री प्रणाली होगी सुदृढ़

एक यूनिवर्सिटी के अंतर्गत परीक्षा, पाठ्यक्रम और डिग्री वितरण की प्रक्रिया सुचारु होगी, जिससे छात्रों को समय पर रिजल्ट और प्रमाणपत्र मिल सकेंगे।

स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में होगा सुधार

स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ उपलब्ध होने से राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी, खासकर ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में।

रोजगार के नए अवसर

विश्वविद्यालय के संचालन से शिक्षकों, शोधकर्ताओं, प्रशासनिक कर्मियों और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े हजारों रोजगार सृजित होंगे।

रिसर्च और नवाचार को बढ़ावा

हेल्थ साइंसेज यूनिवर्सिटी के माध्यम से मेडिकल रिसर्च, लोकल डिज़ीज़ पैटर्न और जनस्वास्थ्य से जुड़े शोध को नई गति मिलेगी।

झारखंड के भविष्य की नींव

झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ़ हेल्थ साइंसेज का शीघ्र संचालन राज्य को स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएगा। यह न केवल छात्रों के सपनों को पंख देगा, बल्कि आम जनता को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराएगा।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की यह पहल झारखंड को एक स्वस्थ, शिक्षित और सशक्त राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर मानी जा रही है।

 

 

 

Please follow and like us:
0
fb-share-icon20
Tweet 20

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Facebook20
X (Twitter)
Instagram
Telegram
URL has been copied successfully!