Samacharaajtak Jharkhand

Truth Over Fear

गोड्डा में सांसद का यूनिटी मार्च फीका: बच्चों की भीड़, भाजपा कार्यकर्ताओं का गायब रहना बना सवाल

गोड्डा में बुधवार को आयोजित यूनिटी मार्च ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। सांसद निशिकांत दुबे कार्यक्रम में पहुंचे, कैमरों के सामने झंडी दिखाई, कुछ औपचारिक तस्वीरें खिंचवाईं और कारगिल चौक तक थोड़ी दूर पैदल चले। लेकिन इसके तुरंत बाद वे लौट गए। सांसद के जाते ही जो दृश्य बचा—वह गोड्डा की मौजूदा राजनीतिक स्थिति को बयां करने के लिए काफी था।

मार्च में बच्चों की लंबी कतार आगे बढ़ती रही, लेकिन भाजपा के नेता और संगठन के कार्यकर्ता नदारद रहे। यह कार्यक्रम कोई साधारण आयोजन नहीं था—मंच, झंडे, पोस्टर और पूरा ‘शो’ तैयार था। बावजूद इसके भाजपा की ज़मीनी उपस्थिति नाममात्र रही।

पूर्व विधायक अमित मंडा अनुपस्थित रहे।
पूर्व विधायक अशोक भगत भी मौके पर नहीं दिखाई दिए।
जिला भाजपा के कई पदाधिकारी और स्थानीय स्तर के नेता—लगभग सभी गायब रहे।

स्थिति यह रही कि पूरे आयोजन में मुश्किल से 12–15 भाजपा कार्यकर्ता दिखे, वह भी बिखरे हुए। झंडे तो थे, लेकिन उन्हें ढोने वाले कार्यकर्ता उँगलियों पर गिने जा सकते थे। यह उसी भाजपा का कार्यक्रम था, जो आमतौर पर भीड़, शोर और शक्ति-प्रदर्शन के लिए जानी जाती है।

अब सवाल उठ रहे हैं—
सांसद के बुलावे पर भाजपा कार्यकर्ता क्यों नहीं पहुंचे?
क्या संगठन में कोई अंदरूनी असंतोष है?
क्या नेतृत्व और कार्यकर्ताओं के बीच दूरी बढ़ रही है?
या फिर यह अनुपस्थिति किसी बड़े राजनीतिक संकेत की ओर इशारा कर रही है?

आज के आयोजन ने इतना ज़रूर साफ कर दिया कि मंच पर सांसद थे, लेकिन मैदान में भाजपा नहीं थी।
गोड्डा की सड़कों पर बच्चों का मार्च चलता रहा, जबकि भाजपा का मार्च—शुरुआती लाइन से ही गायब रहा।

यह नज़ारा आने वाले दिनों में गोड्डा की राजनीति को नई दिशा दे सकता है।

Please follow and like us:
0
fb-share-icon20
Tweet 20

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Facebook20
X (Twitter)
Instagram
Telegram
URL has been copied successfully!