43 स्वास्थ्य केंद्रों और चार BPHU की प्रगति पर हुई समीक्षा, देरी करने वाले संवेदकों पर कार्रवाई के संकेत
रिपोर्ट:- शाहिन खान
गोड्डा। जिले के ग्रामीण और सुदूर इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए स्वीकृत भवन निर्माण योजनाओं को अब तेजी से पूरा कराने पर प्रशासन का जोर है। स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण में आ रही तकनीकी, भूमि संबंधी और अन्य अड़चनों को चिन्हित कर उनके समाधान की दिशा में कार्रवाई शुरू की गई है। इसी क्रम में उपायुक्त लोकेश मिश्रा ने 15वें वित्त आयोग और प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (PM-ABHIM) के तहत चल रही योजनाओं की समीक्षा की।
18 सितंबर को हुई बैठक में उपायुक्त ने निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित स्वास्थ्य भवनों की प्रगति की बिंदुवार जानकारी ली। समीक्षा का प्रमुख फोकस यह रहा कि स्वीकृति और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के बाद योजनाएं निर्माण के स्तर पर अनावश्यक रूप से लंबित न रहें।
चार BPHU पर काम आगे बढ़ाने का निर्देश
महागामा, बोआरीजोर, पथरगामा और पोड़ैयाहाट में स्वीकृत चार ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट (BPHU) की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इन योजनाओं के लिए टेंडर और कार्य आवंटन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उपायुक्त ने संबंधित एजेंसियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर निर्माण पूरा करने तथा निर्माण सामग्री और कार्य की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने को कहा।
43 स्वास्थ्य भवनों की प्रगति का हिसाब
बैठक में वर्ष 2021-22 से 2024-25 तक 15वें वित्त आयोग के तहत स्वीकृत 43 भवनहीन स्वास्थ्य उपकेंद्र (HSC), PHC और CHC भवनों की भी समीक्षा की गई। इनमें 41 योजनाओं की प्रशासनिक एवं तकनीकी प्रक्रिया पूरी होने तथा निर्माण कार्य प्रगति पर होने की जानकारी दी गई।
उपायुक्त ने कहा कि इन भवनों का निर्माण सीधे तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ा है।
ऐसे में योजनाओं को केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित रखने के बजाय उन्हें समय पर पूरा कर स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराने की दिशा में गंभीरता से काम किया जाए।
जहां जमीन बनी बाधा, वहां समन्वय से निकलेगा रास्ता
पोड़ैयाहाट, बोआरीजोर, गोड्डा सदर और पथरगामा क्षेत्र में प्रस्तावित स्वास्थ्य केंद्रों के लिए चिन्हित भूमि की स्थिति भी बैठक में देखी गई। जहां भूमि उपलब्धता या अन्य कारणों से निर्माण प्रभावित है, वहां संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर समस्या के शीघ्र समाधान का निर्देश दिया गया।
काम में सुस्ती पर संवेदकों की जवाबदेही तय होगी
उपायुक्त ने निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी और गुणवत्ता में कमी को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नियमित स्थल निरीक्षण के जरिए कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता की निगरानी की जाए। लापरवाही करने वाले संवेदकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर डीबार करने की प्रक्रिया भी अपनाई जाए।प्रशासन की इस समीक्षा का उद्देश्य निर्माणाधीन स्वास्थ्य भवनों की गति बढ़ाने के साथ-साथ लंबित योजनाओं की बाधाओं को दूर करना और स्वीकृत स्वास्थ्य ढांचे को समय पर उपयोग के लिए उपलब्ध कराना है।
बैठक में डीडीसी विस्पुते श्री कांत यशवंत, अपर समाहर्ता इन्दर कुमार, सिविल सर्जन डॉ. एस.सी. शर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कार्यदायी एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
