मंत्री संजय प्रसाद यादव ने कहा—नौकरी तलाशने के साथ रोजगार सृजनकर्ता बनने की दिशा में बढ़ें युवा

रिपोर्ट:- शाहिन खान

गोड्डा। जिले में युवाओं के नए विचारों को कारोबार का रूप देने और उद्यमिता की संभावनाओं को मजबूत करने की दिशा में शनिवार को महत्वपूर्ण पहल हुई।

तिलका मांझी कृषि महाविद्यालय में TEJAS (Transforming Entrepreneurial Journeys Across States & Districts) के तहत जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में युवाओं, विद्यार्थियों, महिला उद्यमियों, कारीगरों और उभरते उद्यमियों को स्टार्टअप शुरू करने से लेकर बाजार तक पहुंच बनाने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का उद्घाटन उद्योग, श्रम, रोजगार, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास मंत्री संजय प्रसाद यादव, डीडीसी विस्पुते श्री कांत यशवंत, कृषि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अमृत झा, झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य इकरारूल हसन, सहायक निदेशक एमएसएमई धनबाद दीपक कुमार, JIIDCO रांची के विकास कुमार और जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक राजेंद्र प्रसाद ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

स्थानीय संसाधनों से कारोबार खड़ा करने पर जोर
मंत्री संजय प्रसाद यादव ने कहा कि युवाओं में प्रतिभा और नए विचारों की कमी नहीं है। जरूरत है कि इन विचारों को सही मार्गदर्शन, प्रशिक्षण, संसाधन और अवसर मिले, ताकि इन्हें व्यावहारिक उद्यम में बदला जा सके। उन्होंने युवाओं से सरकारी योजनाओं और स्टार्टअप से जुड़ी सुविधाओं का लाभ उठाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि युवा केवल नौकरी की तलाश तक सीमित न रहें, बल्कि रोजगार सृजनकर्ता बनने की दिशा में भी आगे बढ़ें। स्थानीय संसाधनों और स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखकर व्यवसायिक मॉडल विकसित करने तथा आधुनिक तकनीक को अपनाने पर भी उन्होंने जोर दिया।

आइडिया से बाजार तक की जानकारी

कार्यशाला में TEJAS पहल, स्टार्टअप इंडिया और उद्यमिता इकोसिस्टम के विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञों ने जानकारी दी। प्रतिभागियों को व्यवसायिक विचार विकसित करने, नवाचार, वित्तीय सहयोग, मेंटरशिप, इन्क्यूबेशन, क्षमता निर्माण और बाजार से जुड़ने के अवसरों से अवगत कराया गया।
विशेषज्ञों ने स्टार्टअप शुरू करने की प्रक्रिया और सरकारी सहायता योजनाओं की जानकारी देते हुए प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया। कार्यशाला का उद्देश्य जिले की स्थानीय प्रतिभा को विशेषज्ञों, संस्थानों और उद्यमिता से जुड़े हितधारकों से जोड़ना रहा।

कारीगरों और स्थानीय उद्योगों को भी मिला मंच

कार्यक्रम में झारक्राफ्ट के क्लस्टर प्रबंधक अब्दुल कादिर, ईओडीबी मैनेजर मनीष कुमार व चंद्रशेखर शर्मा, जिला उद्योग केंद्र के समन्वयक देवव्रत कुमार समेत अन्य अधिकारियों और विशेषज्ञों ने भी अपने विचार रखे। बड़ी संख्या में उद्यमी, कारीगर, युवा और विद्यार्थी मौजूद रहे।
TEJAS कार्यशाला के जरिए गोड्डा में नवाचार, स्थानीय उद्योग, कौशल और स्वरोजगार को एक मंच पर जोड़ने की कोशिश की गई, जिससे जिले के युवाओं को अपने विचारों को उद्यम में बदलने के लिए नए अवसर और मार्गदर्शन मिल सके।

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