कौशल प्रशिक्षण से रोजगार तक का रोडमैप तैयार, 2026-27 में 2 लाख युवाओं को प्रशिक्षित कर रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य
रिपोर्ट: शाहीन खान
गोड्डा। विकास केवल सड़क, नाली और भवन निर्माण तक सीमित नहीं है। किसी क्षेत्र का वास्तविक विकास तब माना जाता है, जब युवाओं के हाथों में रोजगार, हुनर और आत्मनिर्भरता के अवसर पहुंचें। झारखंड में श्रम, रोजगार, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास तथा उद्योग विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे मंत्री संजय प्रसाद यादव के कार्यकाल में इसी दिशा में योजनाओं को गति देने पर जोर दिखाई दे रहा है।
मंत्री संजय यादव के कार्यकाल में रोजगार और कौशल विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण पहल आगे बढ़ रही हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में मुख्यमंत्री सारथी योजना की चार योजनाओं के माध्यम से दो लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें अकेले बिरसा योजना के तहत एक लाख युवाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है।
हुनर के साथ रोजगार की राह
सरकार की कोशिश केवल युवाओं को प्रशिक्षण देने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रशिक्षण के बाद उन्हें रोजगार से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। रोजगार सृजन कार्यक्रमों, कौशल विकास प्रशिक्षण और नियोजन सेवाओं की लगातार समीक्षा की जा रही है। जून 2026 में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में भी इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया था।
उद्योग आएंगे तो बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
मंत्री संजय यादव के विभाग में उद्योग और रोजगार दोनों महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं। सरकार राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और कंपनियों को झारखंड में इकाइयां स्थापित करने के लिए सहयोग देने की दिशा में काम कर रही है। इसका सीधा फायदा स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसरों के रूप में मिलने की उम्मीद है।
यानी तस्वीर अब सिर्फ सरकारी नौकरी की तलाश तक सीमित नहीं, बल्कि कौशल प्रशिक्षण, निजी क्षेत्र में रोजगार, औद्योगिक निवेश और स्वरोजगार के नए अवसरों तक फैल रही है।
युवाओं को मिला उम्मीद का नया आधार
नियुक्तियों के मोर्चे पर भी सरकार ने रोजगार उपलब्ध कराने का दावा किया है। मई 2026 में सरकार की ओर से बताया गया कि पिछले चार महीनों में शिक्षा विभाग में 9,000 से अधिक और दो वर्षों में 16 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार दिया गया। नियुक्ति-पत्र वितरण कार्यक्रम में मंत्री संजय प्रसाद यादव भी मौजूद रहे।
विकास की नई तस्वीर में युवा केंद्र में
संजय यादव के कार्यकाल में उनके विभाग से जुड़ी योजनाओं का फोकस अब “युवा को प्रशिक्षण, प्रशिक्षण के बाद रोजगार और उद्योगों के जरिए नए अवसर” तैयार करने पर दिखाई दे रहा है। यदि निर्धारित लक्ष्यों को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है तो आने वाले समय में बड़ी संख्या में युवाओं को इसका लाभ मिल सकता है।
यही वजह है कि मंत्री संजय यादव के कार्यकाल को केवल विकास योजनाओं की गति के तौर पर नहीं, बल्कि युवाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने की दिशा में उठाए जा रहे कदमों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
