इंजन-चेचिस नंबर घिसकर मिटाता, फिर औने-पौने दाम में खपा देता था चोरी का माल; पुलिस की छापेमारी में खुला बड़ा राज
रिपोर्ट:- शाहीन खान
गोड्डा। चोरी की मोटरसाइकिलों को बेचने से पहले उनका इंजन और चेचिस नंबर घिसकर पहचान मिटाने वाले कथित बाइक चोर को गोड्डा नगर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस की कार्रवाई में आरोपी के घर से लोडेड देशी कट्टा, चोरी की दो बैटरियां और चार मोटरसाइकिलें बरामद होने से इलाके में सनसनी फैल गई।
पुलिस के मुताबिक, यह बड़ी कार्रवाई गोड्डा नगर थाना कांड संख्या 146/26 के अनुसंधान के दौरान अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी आकाश भारद्वाज के नेतृत्व में की गई। पुलिस टीम ने फसिया डंगाल, गंगटा निवासी सोनु उर्फ मो. अरबाज शेख उर्फ मोनु उर्फ वीरा के घर पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान पुलिस को लोडेड देशी कट्टा मिला। इसके बाद पूछताछ और आरोपी की निशानदेही पर चोरी की चार मोटरसाइकिलें और दो बैटरियां बरामद की गईं।
चोरी की बाइक की पहचान ही मिटा देता था!
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि वह अलग-अलग थाना क्षेत्रों से मोटरसाइकिल चोरी करता था। चोरी के बाद बाइक को सीधे बेचने के बजाय वह छेनी से इंजन और चेचिस नंबर घिसकर मिटा देता था, ताकि वाहन की असली पहचान सामने न आ सके।
इसके बाद चोरी की बाइक को कम कीमत पर बेचकर ठिकाने लगाने का काम किया जाता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और आरोपी ने अब तक कितनी मोटरसाइकिलों को इसी तरीके से खपाया है।
🏍️ चार बाइक बरामद, कई राज खुलने की उम्मीद
पुलिस ने आरोपी के कब्जे/निशानदेही से बिना नंबर की होंडा SP, हीरो HF Deluxe, TVS Sport और Splendor मोटरसाइकिल बरामद की हैं। इसके अलावा चोरी की दो बैटरियां भी मिली हैं। बरामद सामान को पुलिस ने विधिवत जब्त कर लिया है।
🔍 अब खंगाला जा रहा चोरी का पूरा नेटवर्क
लोडेड कट्टा और चोरी की बाइकें बरामद होने के बाद पुलिस अब आरोपी के आपराधिक नेटवर्क, बाइक चोरी की अन्य घटनाओं और चोरी के वाहनों को खरीदने-बेचने वाले लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस को पूछताछ के दौरान बाइक चोरी की अन्य घटनाओं से जुड़े अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।
पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में कार्रवाई करते हुए उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा रहा है।
इस कार्रवाई में SDPO आकाश भारद्वाज के अलावा नगर थाना, सदर व पथरगामा प्रभाग, साइबर सेल तथा सशस्त्र बल के पुलिस पदाधिकारी और जवान शामिल रहे।
