युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खेल और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर, उपायुक्त ने दिखाई हरी झंडी
रिपोर्ट: शाहीन खान
गोड्डा। नशे के बढ़ते जाल के खिलाफ अब गोड्डा में प्रशासन गांव-गांव दस्तक देगा। नशे के दुष्प्रभावों को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए जिला प्रशासन ने मंगलवार को विशेष जनजागरूकता अभियान शुरू किया। समाहरणालय परिसर से जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त लोकेश मिश्रा ने नशामुक्ति जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
जिला समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित यह रथ जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों में पहुंचेगा। रथ के माध्यम से लोगों को नशे के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक नुकसान की जानकारी दी जाएगी। साथ ही नशे की गिरफ्त में फंसे लोगों को इससे बाहर निकलने के लिए उचित परामर्श और सहायता लेने के प्रति भी प्रेरित किया जाएगा।
‘कार्रवाई से ज्यादा जरूरी जागरूकता और जनभागीदारी’
रथ को रवाना करते हुए उपायुक्त लोकेश मिश्रा ने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि नशे की लत सिर्फ व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान नहीं पहुंचाती, बल्कि परिवार की खुशहाली, आर्थिक स्थिति और सामाजिक व्यवस्था पर भी गंभीर असर डालती है।
उपायुक्त ने खास तौर पर युवाओं और विद्यार्थियों को नशे से दूर रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा को खेल, शिक्षा और अन्य सकारात्मक एवं रचनात्मक गतिविधियों की ओर मोड़ना जरूरी है।
पंचायतों तक पहुंचेगा नशामुक्ति का संदेश
जागरूकता रथ के जरिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लगातार अभियान चलाया जाएगा। प्रशासन की कोशिश है कि नशे के खिलाफ संदेश केवल शहर तक सीमित न रहे, बल्कि जिले के सुदूर गांवों और पंचायतों तक भी पहुंचे।
इससे पहले समाहरणालय परिसर में पोस्टर, नारों और जागरूकता संदेशों के माध्यम से लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक किया गया। जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की कि वे खुद नशे से दूर रहें और अपने परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें।
मौके पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी अलका हेंब्रम, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी रीता बेसरा, महिला पर्यवेक्षिकाएं, आंगनबाड़ी सेविकाएं एवं जिला समाज कल्याण कार्यालय के कर्मी मौजूद रहे।
