27 अगस्त को गोड्डा में बड़ा धरना, 7 सितंबर को राजभवन के सामने प्रदर्शन; बोले—झारखंड के अधिकारों को कमजोर करने की हर कोशिश का सड़क से सदन तक होगा विरोध
रिपोर्ट:- शाहीन खान
गोड्डा। झारखंड के खनिज संसाधनों और राज्य के अधिकारों को लेकर कांग्रेस विधायक दल के नेता सह पोड़ैयाहाट विधायक प्रदीप यादव ने केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। मंगलवार को गोड्डा में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि केंद्र की नीतियां यदि झारखंड के खनिज और राजस्व अधिकारों को कमजोर करती हैं तो कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। MMDR संशोधन विधेयक और अयोध्या के श्रीराम मंदिर चंदा चोरी के आरोपों को लेकर कांग्रेस अब आंदोलन को जिला, प्रखंड और गांव स्तर तक ले जाएगी।
प्रदीप यादव ने कहा कि “जमीन झारखंड की, खनिज झारखंड का, प्रदूषण और विस्थापन का दर्द भी झारखंड के लोग झेलें, लेकिन राजस्व पर अधिकार किसी और का हो—यह स्वीकार नहीं किया जाएगा।” उन्होंने आरोप लगाया कि MMDR संशोधन के जरिए खनिज संपदा से जुड़े राज्यों के अधिकारों को सीमित करने की कोशिश की जा रही है, जिसका सबसे बड़ा असर झारखंड जैसे खनिज बहुल राज्य पर पड़ेगा।
27 अगस्त से आंदोलन, 7 सितंबर को रांची में शक्ति प्रदर्शन
प्रदीप यादव ने बताया कि कांग्रेस 27 अगस्त से राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेगी। पहले चरण में सभी जिला मुख्यालयों पर धरना देकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। गोड्डा में भी 27 अगस्त को बड़ा धरना आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 7 सितंबर को रांची में राजभवन के सामने प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं 9 से 16 सितंबर तक सभी प्रखंड मुख्यालयों में धरना-प्रदर्शन कर आंदोलन को गांवों तक पहुंचाने की तैयारी है।
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ किसी एक राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं, बल्कि झारखंड के संसाधनों और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा सवाल है। कांग्रेस इस मुद्दे को जनता के बीच लेकर जाएगी और घर-घर जाकर केंद्र सरकार की नीतियों के बारे में लोगों को बताएगी।
‘14,656 करोड़ तक के राजस्व नुकसान’ का दावा
प्रदीप यादव ने खनिजों से मिलने वाले सेस के आंकड़े पेश करते हुए कहा कि झारखंड को वर्ष 2024-25 में करीब 1,380 करोड़ रुपये और 2025-26 में करीब 7,487.91 करोड़ रुपये का राजस्व मिला। उन्होंने दावा किया कि सेस लगाने के अधिकार पर रोक लगने की स्थिति में राज्य को प्रतिवर्ष करीब 14,656 करोड़ रुपये तक के राजस्व नुकसान का अनुमान है।
उनके मुताबिक इसका सीधा असर स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास, पेंशन, मंईयां सम्मान और अबुआ आवास जैसी योजनाओं पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि खनिज संपदा का दोहन बढ़ने से विस्थापन, प्रदूषण और सामाजिक समस्याएं भी बढ़ेंगी और इसका सबसे अधिक असर आदिवासी एवं स्थानीय आबादी पर पड़ेगा।
‘राज्यों के अधिकारों पर हमला बंद करो’ का नारा
प्रदीप यादव ने कहा कि कांग्रेस खनिज संसाधनों और राज्यों के अधिकारों के सवाल पर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगी। पार्टी ने आंदोलन के लिए “जमीन हमारी, खनिज हमारा, अधिकार हमारा” और “झारखंड के संसाधनों की लूट बंद करो, राज्यों के अधिकारों पर हमला बंद करो” जैसे नारे दिए हैं।
राम मंदिर चंदे के मुद्दे पर भी भाजपा पर हमला
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रदीप यादव ने अयोध्या के श्रीराम मंदिर चंदे को लेकर सामने आए आरोपों पर भी भाजपा और आरएसएस को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े चंदे में अनियमितता के आरोप गंभीर हैं और कांग्रेस इस मुद्दे को भी गांव-गांव तक ले जाएगी। हालांकि, चंदे से जुड़े आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और प्रमाणों के आधार पर ही तय होंगे।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष याह्या सिद्दिकी ने कहा कि झारखंड के अधिकारों को प्रभावित करने वाली हर कोशिश के खिलाफ कांग्रेस मजबूती से संघर्ष करेगी। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर जिले में आंदोलन को व्यापक रूप देने की तैयारी की जा रही है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में युवा कांग्रेस प्रदेश समिति के सचिव विकास सिंह, शशि यादव, जिला परिषद सदस्य रंजना कुमारी, पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश यादव, हाजी इकरारुल हसन आलम, खुस्तर हसनैन बुलबुल, नवल साह, इफ्तेखार रसैल, मो. हुसैन सहित कई कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद थे।
