मुख्यमंत्री ने आधुनिक ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट की पहल को बताया समय की जरूरत, सड़क सुरक्षा के लिए नई तकनीक अपनाने पर दिया जोर
खबर:
रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड में आधुनिक ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्थापना सड़क सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल है। उन्होंने कहा कि राज्य में बेहतर ड्राइविंग प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीक के उपयोग से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में विदेश यात्रा का अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्हें स्वीडन की Volvo कंपनी के ट्रेनिंग सेंटर का दौरा करने का अवसर मिला था। वहां उन्होंने देखा कि किस प्रकार सड़क सुरक्षा और ड्राइविंग प्रशिक्षण पर गहन शोध किया जाता है। सेंसर आधारित आधुनिक वाहनों में यदि सड़क पर कोई व्यक्ति या जानवर आ जाए तो वाहन स्वतः अलार्म बजाता है और खुद रुक जाता है।
हेमंत सोरेन ने कहा कि भारत और विशेष रूप से झारखंड में अभी ऐसी तकनीकों के प्रति जागरूकता और प्रशिक्षण बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कई बार सड़क पर हाथी जैसे बड़े वन्यजीव भी आ जाते हैं, लेकिन वाहन चालक समय पर नहीं रुकते, जिससे गंभीर दुर्घटनाएं होती हैं।
मुख्यमंत्री ने चिंता जताते हुए कहा कि राज्य में सड़कों का तेजी से विस्तार और चौड़ीकरण हो रहा है, लेकिन इसके साथ ही सड़क हादसों और मौतों की संख्या भी बढ़ रही है। ऐसे में आधुनिक ड्राइविंग प्रशिक्षण, उन्नत तकनीक और सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
उन्होंने विश्वास जताया कि आधुनिक ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्थापना से प्रशिक्षित चालक तैयार होंगे, सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और भविष्य में दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाने में मदद मिलेगी।
