NCH द्वारा मान्यता निरस्त होने के बाद जिला प्रशासन सक्रिय, उपायुक्त बोले—हर कमी होगी दूर, मरीजों और छात्रों को नहीं होगी परेशानी
Edit By:शाहीन खान
गोड्डा, 28 जुलाई। राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग (NCH) द्वारा परसपानी स्थित राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की मान्यता निरस्त किए जाने के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी कड़ी में सोमवार को जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त लोकेश मिश्रा ने कॉलेज एवं अस्पताल का विस्तृत निरीक्षण कर संस्थान की आधारभूत सुविधाओं, शैक्षणिक व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि आयोग द्वारा बताई गई सभी कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा और संस्थान को निर्धारित मानकों के अनुरूप तैयार करने में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।
उपायुक्त ने निरीक्षण के दौरान ओपीडी, आईपीडी, औषधि वितरण केंद्र, प्रयोगशाला, कक्षाएं, पुस्तकालय, अस्पताल वार्ड, पेयजल, बिजली, स्वच्छता, भवनों की स्थिति तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने चिकित्सकों और कर्मचारियों की उपस्थिति, चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता तथा मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं की भी विस्तार से जानकारी ली।
निरीक्षण के बाद आयोजित समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने कॉलेज प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों को राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग द्वारा इंगित प्रत्येक कमी का बिंदुवार समाधान करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जहां भी संसाधनों, आधारभूत संरचना या अन्य व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता है, वहां तत्काल कार्ययोजना बनाकर तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
छात्रों ने खुलकर रखीं समस्याएं, सौंपा ज्ञापन
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। विद्यार्थियों ने स्थायी प्राचार्य की नियुक्ति, शिक्षकों की कमी दूर करने, आधुनिक प्रयोगशाला उपकरण उपलब्ध कराने, जर्जर संपर्क मार्ग के निर्माण, छात्रावास में बिजली एवं स्वच्छ पेयजल, आईपीडी में एमबीबीएस चिकित्सकों की नियुक्ति, बेहतर इंटरनेट सुविधा, इंटर्न हॉस्टल, इंटर्नशिप भत्ते में वृद्धि, एम्बुलेंस एवं आपातकालीन चिकित्सा सुविधा, कैंटीन एवं सरकारी मेस की स्थापना, स्ट्रीट लाइट और परिसर के सौंदर्यीकरण सहित कई महत्वपूर्ण मांगें उपायुक्त के समक्ष रखीं।
उपायुक्त ने छात्रों की सभी मांगों को गंभीरता से लेते हुए उन्हें एक प्रतिनिधि समिति गठित करने का निर्देश दिया। साथ ही आश्वासन दिया कि जिन समस्याओं का समाधान जिला स्तर पर संभव है, उनका शीघ्र निस्तारण किया जाएगा, जबकि अन्य मांगों को राज्य सरकार और संबंधित विभागों के समक्ष भेजा जाएगा।
मरीजों की सुविधा से कोई समझौता नहीं
उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। दवा की उपलब्धता, स्वच्छता, उपचार व्यवस्था और अन्य आवश्यक सेवाएं नियमित रूप से संचालित होती रहें तथा मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त विस्पुते श्रीकांत यशवंत, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अशोक पासवान, संबंधित विभागीय पदाधिकारी, चिकित्सक, शिक्षक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
यह निरीक्षण इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि कॉलेज की मान्यता बहाल कराने की दिशा में जिला प्रशासन ने अब कमियों को दूर करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। यदि निर्धारित मानकों को समय पर पूरा कर लिया जाता है, तो भविष्य में संस्थान की मान्यता बहाल होने की उम्मीद मजबूत हो सकती है।
