गोड्डा, 4 अगस्त। झारखंड आंदोलन के अग्रणी नेता, पूर्व मुख्यमंत्री और पद्म भूषण से सम्मानित दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर मंगलवार को गोड्डा में भावपूर्ण श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान बायोडायवर्सिटी पार्क में दिशोम गुरु की भव्य आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया गया और बाद में गांधी मैदान में सर्वदलीय श्रद्धांजलि सभा आयोजित हुई।

प्रतिमा अनावरण से पूर्व संथाल परंपरा के अनुसार मांझी हड़ाम, जोग मांझी और परगनैतों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद झारखंड आंदोलनकारी स्व. साहेब राम मुर्मू की धर्मपत्नी फूल हेम्ब्रम एवं आंदोलनकारी जोहान मारांडी के करकमलों से प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस अवसर पर विधायक धनंजय सोरेन, विधायक प्रदीप यादव, झारखंड मुक्ति मोर्चा के गोड्डा जिलाध्यक्ष प्रो. प्रेमनंदन मंडल, उपायुक्त लोकेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार, डीएफओ, डीडीसी सहित हजारों जेएमएम कार्यकर्ता और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। पूरा परिसर “गुरुजी अमर रहें” के नारों से गूंज उठा।

इसके बाद श्रद्धांजलि काफिला गांधी मैदान पहुंचा, जहां आयोजित सर्वदलीय श्रद्धांजलि सभा में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने दिशोम गुरु के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।

सभा की अध्यक्षता करते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा गोड्डा के जिलाध्यक्ष प्रो. प्रेमनंदन मंडल ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन के संघर्षमय जीवन, झारखंड आंदोलन में उनके योगदान और आदिवासी, मूलवासी, दलित एवं पिछड़े समाज के अधिकारों की लड़ाई का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गुरुजी का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है।

अपने संबोधन में प्रो. प्रेमनंदन मंडल ने केंद्र सरकार से मांग की कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि गुरुजी के जीवन संघर्ष, झारखंड आंदोलन और सामाजिक योगदान को स्कूलों और कॉलेजों के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए, ताकि नई पीढ़ी उनके विचारों और संघर्ष से परिचित हो सके।

श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों ने दिशोम गुरु के बताए मार्ग पर चलने और उनके सपनों के झारखंड के निर्माण का संकल्प भी लिया।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *