गोड्डा।
जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय के डीएमएफटी सभागार में शुक्रवार को राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) द्वारा आपदा प्रबंधन एवं राहत-बचाव को लेकर एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य आपदा के समय त्वरित, सुरक्षित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना था।
कार्यक्रम में एनडीआरएफ की 9वीं बटालियन, बिहटा (पटना) की विशेषज्ञ टीम ने आपदा मित्रों एवं समाहरणालय कर्मियों को विभिन्न आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए व्यवहारिक और तकनीकी प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षकों ने बाढ़, भूकंप, सर्पदंश, हृदयाघात तथा सड़क दुर्घटनाओं जैसी स्थितियों में अपनाए जाने वाले आवश्यक कदमों की विस्तार से जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान रेस्क्यू विशेषज्ञों ने पानी में डूबे व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने, शव को पानी से बाहर लाने की प्रक्रिया तथा उससे जुड़ी सावधानियों का प्रदर्शन किया। साथ ही सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्ति के अत्यधिक रक्तस्राव को नियंत्रित करने के प्राथमिक उपचार के तरीकों को भी विस्तार से समझाया गया।
एनडीआरएफ टीम ने प्रतिभागियों को आपदा के समय स्वयं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए दूसरों की मदद करने के व्यावहारिक उपायों पर विशेष जोर दिया। प्रशिक्षण में त्वरित प्रतिक्रिया, आपसी समन्वय और राहत कार्यों के कुशल संचालन के महत्व को भी रेखांकित किया गया।
इस अवसर पर बताया गया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आपदा प्रबंधन की तैयारियों को मजबूत करने के साथ-साथ आम लोगों में जागरूकता बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाते हैं।















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