रिपोर्ट शाहीन खान
गोड्डा, 24 अप्रैल — एक हृदयविदारक सड़क दुर्घटना के बाद जिले में मानवता और संवेदनशील प्रशासन की मिसाल देखने को मिली है। गोड्डा जिले के रंगमटिया गांव में एक व्यक्ति की असामयिक मृत्यु के बाद उसके परिवार पर आए संकट को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए सहायता की पहल शुरू कर दी है।
जिला बाल संरक्षण इकाई की टीम ने मौके पर पहुंचकर मृतक के परिजनों से मुलाकात की और उनके दुख में सहभागी बनी। परिवार की आर्थिक और सामाजिक स्थिति का गहन आकलन करते हुए अधिकारियों ने तत्काल राहत की दिशा में कदम बढ़ाए। मृतक अपने पीछे पत्नी और तीन नाबालिग बच्चों को छोड़ गए हैं, जिनके सामने अब जीवन-यापन और भविष्य को लेकर गंभीर चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।
प्रशासन ने इन बच्चों को स्पॉन्सरशिप योजना से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस योजना के तहत बच्चों को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।
इस संबंध में जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त श्री लोकेश मिश्रा ने कहा कि प्रशासन समाज के कमजोर वर्गों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि परिवार को अन्य सभी उपलब्ध सरकारी योजनाओं से भी जोड़ा जाए, ताकि उन्हें व्यापक सहायता मिल सके।
जिला प्रशासन की इस मानवीय पहल से यह संदेश जाता है कि संकट की घड़ी में जरूरतमंद परिवारों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और हरसंभव सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा।















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