खुशियों के जश्न में निकले तीन दोस्त, घर लौटा सिर्फ सन्नाटा—एक साल की बच्ची हुई अनाथ
गोड्डा (झारखंड)।
रात का सन्नाटा… खाली हाईवे… और अचानक एक ज़ोरदार धमाका। नए साल की पहली ही रात गोड्डा जिले में जश्न का माहौल पल भर में मातम में बदल गया। भटोंडा हाईवे पर तेज़ रफ्तार हाइवा और कार की आमने–सामने की टक्कर ने एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं।
जानकारी के अनुसार, कार में सवार तीन दोस्त देर रात अपने गंतव्य की ओर जा रहे थे। तभी सामने से आ रहे एक तेज़ रफ्तार हाइवा ने उनकी कार को सीधे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
हादसे में कार चला रहा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, उसका पैर टूट गया है और वह अस्पताल में भर्ती है। लेकिन सबसे दर्दनाक दृश्य तब सामने आया जब पैसेंजर सीट पर बैठे हरिपुर हरअन्ना निवासी निरंजन मिर्धा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जिस सीट पर बैठकर वह सुरक्षित घर लौटने की उम्मीद कर रहे थे, वही उनकी आख़िरी जगह बन गई।
अस्पताल परिसर में निरंजन की पत्नी माला देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। बार-बार एक ही सवाल—
“नया साल ऐसा क्यों…?”
निरंजन अपने पीछे सिर्फ 25 साल की पत्नी ही नहीं, बल्कि एक साल की मासूम बेटी भी छोड़ गए हैं, जिसे अभी यह अहसास भी नहीं कि उसके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ चुका है।
यह हादसा महज़ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम पर बड़ा सवाल है।
तेज़ रफ्तार हाइवा, पर्याप्त रोशनी का अभाव, और हाईवे पर कमजोर सुरक्षा व्यवस्था—सब कुछ इस मौत की कहानी कहता है। भटोंडा हाईवे पहले भी कई हादसों का गवाह रहा है, लेकिन सुधार के नाम पर हालात जस के तस हैं।
नया साल आया है, लेकिन गोड्डा में सबसे पहले दस्तक मौत ने दी।
सवाल यह है—अगला नंबर किसका?














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