“अंधेरे में भी जीवन का उजाला: डॉक्टरों के साहस के साथ चट्टान की तरह खड़े डॉ. इरफान अंसारी”
Report: SHAHIN KHAN
हजारीबाग में महिला डॉक्टर द्वारा टॉर्च की रोशनी में ऑपरेशन किए जाने की घटना को लेकर मचे राजनीतिक शोर के बीच झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी डॉक्टरों के सम्मान और मनोबल की ढाल बनकर सामने आए हैं। उन्होंने स्पष्ट और दृढ़ शब्दों में कहा कि इस घटना को लेकर फैलाया जा रहा भ्रामक प्रचार न सिर्फ दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था को बदनाम करने की साजिश भी है।
डॉ. अंसारी ने कहा कि बिजली, जनरेटर या बैटरी जैसी तकनीकी व्यवस्थाओं में कभी भी अचानक खराबी आ सकती है। लेकिन असली सवाल यह नहीं है कि रोशनी क्यों गई, बल्कि यह है कि उस कठिन घड़ी में डॉक्टर ने मरीज की जान बचाने के लिए क्या किया। उन्होंने दो टूक कहा कि अगर ऑपरेशन के दौरान बिजली चली जाए तो क्या डॉक्टर मरीज को छोड़ दे, या फिर हर हाल में उसकी जान बचाने की कोशिश करे? हजारीबाग की डॉक्टर ने वही किया, जो एक सच्चे चिकित्सक का धर्म होता है।
स्वास्थ्य मंत्री ने नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसी संवेदनशील घटनाओं पर राजनीति करना निंदनीय है। इससे जनता में भय फैलता है और दिन-रात मरीजों की सेवा में लगे डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों का मनोबल टूटता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की बयानबाजी डॉक्टरों को हतोत्साहित करने का प्रयास है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
डॉ. इरफान अंसारी ने यह भी कहा कि जिस किसी ने इस वीडियो को गलत मंशा से वायरल किया है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग जनता की सेवा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और झारखंड के डॉक्टर हर परिस्थिति में अपने फर्ज का निर्वहन कर रहे हैं।
उन्होंने दोहराया कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग पूरी मजबूती से डॉक्टरों के साथ खड़े हैं। “डॉक्टरों को कटघरे में नहीं, सम्मान के मंच पर खड़ा किया जाना चाहिए,” यह संदेश देते हुए डॉ. अंसारी ने साफ कर दिया कि झारखंड में स्वास्थ्य सेवा को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनने दिया जाएगा।















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