भागवत कथा के चतुर्थ दिवस वानप्रस्थ जीवन की महिमा का किया गया वर्णन, बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु

 

Edit by; Shahin Khan 

गोड्डा। श्री दादी श्याम मंदिर के प्रांगण में आयोजित साप्ताहिक श्रीमद्भागवत पुराण कथा के चतुर्थ दिवस कथा वाचक गोविंद शरण महाराज ने वानप्रस्थ जीवन की महिमा का वर्णन करते हुए मानव जीवन के वास्तविक उद्देश्य और परमात्मा की प्राप्ति के मार्ग पर विस्तार से प्रकाश डाला। कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और भक्तिमय वातावरण में भागवत कथा का श्रवण किया।

चतुर्थ दिवस के यजमान के रूप में प्रितम गाडिया एवं श्वेता गाडिया ने विधिवत पूजा-अर्चना कर कथा का शुभारंभ किया। कथा वाचन के दौरान गोविंद शरण महाराज ने सनातन धर्म में वर्णित आश्रम व्यवस्था की चर्चा करते हुए कहा कि मानव जीवन को विभिन्न आश्रमों में विभाजित किया गया है। गृहस्थ जीवन के दायित्वों का निर्वहन करने के बाद मनुष्य को धीरे-धीरे सांसारिक मोह-माया से विरक्त होकर वानप्रस्थ जीवन की ओर अग्रसर होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पूर्व समय में लोग जीवन के एक पड़ाव के बाद तीर्थ स्थलों की ओर प्रस्थान करते थे। अयोध्या, काशी और वृंदावन जैसे पवित्र धामों में रहकर सात्विक जीवन व्यतीत करते हुए ईश्वर का जाप, भजन, ध्यान और साधना किया करते थे। जीवन के अंतिम चरण को सांसारिक इच्छाओं की पूर्ति के बजाय परमात्मा के स्मरण और मोक्ष की साधना में लगाने की परंपरा रही है।

गोविंद शरण महाराज ने कहा कि जब मनुष्य अपने सांसारिक कर्तव्यों को पूरा कर ले, तब उसे अपने जीवन के वास्तविक उद्देश्य की ओर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। जिस परमात्मा के हम अंश हैं, उसी परमात्मा की प्राप्ति मानव जीवन का सर्वोच्च लक्ष्य है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि धन-संपत्ति और भौतिक सुख-सुविधाओं को जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं मानना चाहिए। भक्ति, सेवा, सद्कर्म, सत्संग और प्रभु का स्मरण भी जीवन का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जीवन के अंतिम पड़ाव में मनुष्य को किसी पवित्र तीर्थ स्थल पर रहकर सात्विक जीवन जीने और अपना अधिक से अधिक समय भजन, ध्यान, सत्संग तथा ईश्वर के चिंतन में लगाने का प्रयास करना चाहिए। इससे जीवन को आध्यात्मिक दिशा मिलती है और मनुष्य सांसारिक बंधनों से ऊपर उठकर परमात्मा की ओर अग्रसर होता है।

कथा के दौरान श्री दादी श्याम मंदिर परिसर श्रद्धा और भक्ति से सराबोर रहा। श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव के साथ कथा का श्रवण किया।

आयोजन को सफल बनाने में श्री दादी श्याम सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष अरुण टेकरीवाल, सचिव मुकेश गाडिया, पवन टेकरीवाल, पियूष खेमानी, दीपक बजाज, अंकित गाडिया, सरिता टेकरीवाल, कुसुम टेकरीवाल एवं संगम भगत सहित ट्रस्ट के सदस्यों और श्रद्धालुओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *