Edit By: शाहीन खान
गोड्डा, 30 जुलाई। जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी लोकेश मिश्रा की अध्यक्षता में आपूर्ति विभाग की मासिक समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए), झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना समेत विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान पथरगामा, सुंदरपहाड़ी, बोआरीजोर एवं ठाकुरगंगटी प्रखंडों में राशन वितरण की धीमी प्रगति पर उपायुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक माह 25 तारीख से पहले सभी पात्र लाभुकों तक शत-प्रतिशत खाद्यान्न वितरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही खराब प्रदर्शन करने वाले संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश जिला आपूर्ति पदाधिकारी को दिया।
उपायुक्त ने कहा कि किसी भी पात्र लाभुक को समय पर राशन मिलने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए जिला एवं प्रखंड स्तर के अधिकारियों को नियमित निगरानी करते हुए जन वितरण प्रणाली को अधिक जवाबदेह बनाना होगा।
बैठक में पीवीटीजी परिवारों के लिए संचालित डाकिया योजना, आधार सीडिंग, ई-केवाईसी, नमक वितरण योजना तथा मुख्यमंत्री चना-दाल वितरण योजना की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा कर सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा उन्होंने सभी पीडीएस दुकानों का नियमित औचक निरीक्षण करने, अनियमितता मिलने पर तत्काल नियमानुसार कार्रवाई करने तथा खाद्यान्न भंडारण, उठाव, वितरण और परिवहन व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के लिए जिला स्तरीय वरीय पदाधिकारियों की टीम गठित कर नियमित निरीक्षण कराने का निर्देश दिया।
बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी निशा तिर्की, विभिन्न प्रखंडों के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी तथा आपूर्ति विभाग के संबंधित अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
