बांकीपुर उपचुनाव बना सियासी प्रतिष्ठा की लड़ाई, नीरज सिन्हा के समर्थन में उतरे नीतीश; प्रशांत किशोर ने झोंकी पूरी ताकत
Report & Edit by : Shahin Khan
पटना। बिहार की राजनीति में चर्चित बन चुके बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव ने अब पूरी तरह से सियासी रंग पकड़ लिया है। सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने इस सीट पर भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को मैदान में उतारा है, जबकि जन सुराज अभियान के संस्थापक प्रशांत किशोर भी पूरे दमखम के साथ चुनावी मुकाबले में हैं। इस उपचुनाव को केवल एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं, बल्कि बिहार की भावी राजनीति की दिशा तय करने वाले महत्वपूर्ण मुकाबले के रूप में देखा जा रहा है।
चुनाव प्रचार के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पहली बार खुलकर भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा के पक्ष में अपील करते हुए मतदाताओं से उन्हें भारी मतों से विजयी बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने बिहार में विकास, सुशासन और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार काम किया है तथा इस विकास यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए एनडीए प्रत्याशी को मजबूत जनादेश मिलना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से बिहार में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली और रोजगार जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि विकास की गति बनाए रखने के लिए एनडीए उम्मीदवार का समर्थन करें।
भाजपा का गढ़ बचाने की चुनौती
बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता है। ऐसे में पार्टी के लिए इस सीट को बचाना प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है। भाजपा संगठन के साथ-साथ जेडीयू भी पूरी सक्रियता से चुनाव प्रचार में जुटी हुई है। दोनों दलों के नेताओं का दावा है कि एनडीए की संयुक्त ताकत और सरकार के विकास कार्यों के आधार पर नीरज कुमार सिन्हा बड़ी जीत दर्ज करेंगे।
प्रशांत किशोर का आक्रामक अभियान
दूसरी ओर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर इस चुनाव को राज्य सरकार की नीतियों पर जनमत संग्रह (रेफरेंडम) के रूप में पेश कर रहे हैं। वे लगातार क्षेत्र में घर-घर संपर्क अभियान चला रहे हैं और स्थानीय समस्याओं—जलजमाव, ट्रैफिक, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार तथा शहरी सुविधाओं—को प्रमुख चुनावी मुद्दा बना रहे हैं।
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प्रशांत किशोर का कहना है कि बांकीपुर की जनता बदलाव चाहती है और यह चुनाव बिहार की राजनीति में नई दिशा देने वाला साबित होगा। जन सुराज के कार्यकर्ता भी क्षेत्र में व्यापक जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं।
कई मायनों में अहम है उपचुनाव
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार बांकीपुर उपचुनाव के परिणाम का असर केवल इस विधानसभा क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा। यह चुनाव एनडीए की राजनीतिक मजबूती, भाजपा-जेडीयू के तालमेल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अपील की प्रभावशीलता और विपक्ष की चुनौती—सभी की परीक्षा माना जा रहा है। साथ ही जन सुराज की राजनीतिक स्वीकार्यता का भी यह एक महत्वपूर्ण पैमाना होगा।
मतदाताओं के बीच दोनों पक्ष पूरी ताकत से प्रचार में जुटे हैं। अब सबकी निगाहें मतदान और उसके बाद आने वाले नतीजों पर टिकी हैं, जो बिहार की राजनीति को नया संदेश दे सकते हैं।
