देवघर: देवघर पुलिस ने अपराध नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए पुलिस की वर्दी पहनकर खुद को “साइबर पुलिस” बताने वाले लुटेरों के एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गिरोह के 10 अपराधियों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों के पास से एक देशी कट्टा, चार जिंदा कारतूस, एक मैगजीन, पुलिस जैसी केमोफ्लाज टी-शर्ट, टोपी, फुल पैंट, पुलिस स्टिक तथा दो मोटरसाइकिल बरामद की गई हैं।
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे पुलिस की वर्दी पहनकर स्वयं को साइबर पुलिस बताते थे और साइबर अपराधियों या अन्य लोगों के घरों में छापेमारी का झांसा देकर लूटपाट की वारदातों को अंजाम देते थे। गिरोह के सदस्य पुलिस कार्रवाई का डर दिखाकर लोगों को धमकाते थे और उनके घरों से नकदी व कीमती सामान लूट लेते थे।
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए अपराधियों में से दो आरोपियों के खिलाफ देवघर के विभिन्न थानों में लूट, हत्या, अपहरण और फिरौती जैसे गंभीर आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं।
देवघर पुलिस ने बताया कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और गिरोह से जुड़े अन्य अपराधियों की तलाश जारी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति पुलिस या साइबर पुलिस बनकर कार्रवाई के नाम पर घर पहुंचे तो उसकी पहचान सुनिश्चित करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस को दें।
देवघर पुलिस ने दोहराया कि अपराधियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त अभियान जारी रहेगा और आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
