नई दिल्ली/रांची। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार में संभावित फेरबदल को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। सबसे अधिक चर्चा भाजपा के गोड्डा से चार बार के सांसद निशिकांत दुबे के नाम को लेकर हो रही है। हालांकि, अब तक प्रधानमंत्री कार्यालय या भाजपा की ओर से उनके मंत्री बनाए जाने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
निशिकांत दुबे लंबे समय से भाजपा के मुखर और फायरब्रांड नेताओं में गिने जाते हैं। संसद में उनकी सक्रियता, विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर बेबाक राय और संसदीय कार्यों में प्रभावी भागीदारी के कारण उन्हें पार्टी के प्रभावशाली सांसदों में माना जाता है। वे गोड्डा लोकसभा सीट से लगातार चार बार सांसद चुने जा चुके हैं और संगठन के भीतर भी उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।
वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद भी उनके केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने की चर्चाएं चली थीं, लेकिन उस समय उन्हें मौका नहीं मिला। अब धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद एक बार फिर राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल में फेरबदल के दौरान झारखंड को प्रतिनिधित्व देते हुए निशिकांत दुबे को बड़ी जिम्मेदारी सौंप सकते हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा यदि शिक्षा, संसदीय कार्य या किसी अन्य महत्वपूर्ण मंत्रालय में बदलाव करती है, तो निशिकांत दुबे एक मजबूत दावेदार हो सकते हैं। उनकी संसदीय समझ, संगठनात्मक अनुभव और राष्ट्रीय मुद्दों पर पकड़ को देखते हुए उनका नाम संभावित मंत्रियों की सूची में चर्चा का विषय बना हुआ है।
हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि फिलहाल यह केवल राजनीतिक अटकलें हैं। भाजपा या केंद्र सरकार की ओर से निशिकांत दुबे को मंत्री बनाए जाने संबंधी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेतृत्व द्वारा कैबिनेट विस्तार या फेरबदल के समय ही लिया जाएगा।
