झारखंड के जंगलों पर बड़ा फैसला: अब एक क्लिक में दिखेगा हर वन क्षेत्र का पूरा रिकॉर्ड, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सख्त निर्देश
रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य के वन क्षेत्रों के संरक्षण, डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने और वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर कई अहम निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की पहचान उसकी प्राकृतिक संपदा, घने जंगलों, वन्यजीवों और समृद्ध जैव विविधता से है। इसलिए इनका संरक्षण और संवर्द्धन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य गठन (15 नवंबर 2000) से अब तक के सभी वन क्षेत्रों का टेक्निकल एवं डिजिटल रिकॉर्ड एक महीने के भीतर तैयार किया जाए। उन्होंने ऐसी आधुनिक डिजिटल व्यवस्था विकसित करने को कहा, जिससे सिर्फ एक क्लिक पर किसी भी वन क्षेत्र की सीमा, संरचना, स्वरूप और वर्तमान स्थिति की पूरी जानकारी उपलब्ध हो सके।
मुख्यमंत्री ने वन संरक्षण को और प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों को मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने, अवैध कटाई पर सख्त कार्रवाई करने, बड़े पैमाने पर पौधारोपण अभियान चलाने तथा विकास परियोजनाओं और पर्यावरण संरक्षण के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि तकनीक के बेहतर उपयोग से वन क्षेत्रों की निगरानी आसान होगी और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा को नई मजबूती मिलेगी। सरकार का लक्ष्य झारखंड की हरित पहचान को सुरक्षित रखते हुए आने वाली पीढ़ियों के लिए समृद्ध वन संपदा का संरक्षण करना है।
