गोड्डा में माप-तौल एवं खाद्य सुरक्षा जागरूकता सह समाधान शिविर आयोजित, 35 व्यवसायियों ने कराया पंजीकरण; ₹68,750 का राजस्व संग्रह
गोड्डा, 31 जुलाई। जिले में व्यापारिक गतिविधियों को अधिक पारदर्शी, उपभोक्ता हितों को सुरक्षित तथा खाद्य सुरक्षा मानकों के प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित करने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए शुक्रवार को माप-तौल एवं खाद्य सुरक्षा जागरूकता सह समाधान शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर गोड्डा स्थित सुभदा बैंक्वेट हॉल में आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में व्यवसायियों, दुकानदारों और खाद्य कारोबारियों ने भाग लेकर विभागीय योजनाओं एवं नियमों की जानकारी प्राप्त की तथा मौके पर ही अपने लंबित कार्यों का निष्पादन कराया।
यह कार्यक्रम उपायुक्त गोड्डा श्री लोकेश मिश्रा के निर्देश पर आयोजित किया गया। शिविर का संचालन निरीक्षक, विधिक माप विज्ञान श्री राकेश कुमार एवं खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी सुश्री श्वेता अमृता लकड़ा के नेतृत्व में किया गया। अधिकारियों ने उपस्थित व्यवसायियों को विधिक माप विज्ञान अधिनियम तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम से संबंधित विभिन्न प्रावधानों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी और उनके प्रश्नों का समाधान भी किया।
व्यवसायियों को कानूनों की दी गई विस्तृत जानकारी
शिविर का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों एवं उपभोक्ताओं के बीच जागरूकता बढ़ाना, लाइसेंस एवं पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाना तथा लंबित मामलों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना था। अधिकारियों ने बताया कि सही माप-तौल व्यवस्था केवल कानूनी आवश्यकता ही नहीं बल्कि उपभोक्ताओं का अधिकार भी है। यदि किसी व्यापारिक प्रतिष्ठान में गलत माप-तौल का उपयोग किया जाता है तो इससे ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी की संभावना बढ़ जाती है और व्यापार की विश्वसनीयता भी प्रभावित होती है।
शिविर में व्यवसायियों को इलेक्ट्रॉनिक एवं मैकेनिकल कांटे, वज़न, माप उपकरणों तथा अन्य व्यापारिक उपयोग में आने वाले उपकरणों के समय-समय पर सत्यापन और नवीकरण की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सत्यापन नहीं कराने पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
35 व्यवसायियों ने कराया रजिस्ट्रेशन एवं रेनुअल
कार्यक्रम के दौरान विधिक माप विज्ञान विभाग की ओर से 35 व्यवसायियों ने अपने प्रतिष्ठानों एवं माप-तौल उपकरणों का रजिस्ट्रेशन एवं रेनुअल कराया। इस प्रक्रिया के माध्यम से विभाग को ₹68,750 (अड़सठ हजार सात सौ पचास रुपये) का राजस्व प्राप्त हुआ।
अधिकारियों ने इसे सकारात्मक संकेत बताते हुए कहा कि बड़ी संख्या में व्यवसायियों द्वारा स्वेच्छा से विभागीय प्रक्रिया में भाग लेना इस बात का प्रमाण है कि अब व्यापारी नियमों के पालन के प्रति अधिक जागरूक हो रहे हैं। इससे भविष्य में उपभोक्ताओं को सही माप-तौल सुनिश्चित कराने में भी मदद मिलेगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने भी मौके पर दी सेवाएं
शिविर में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा भी कई महत्वपूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। विभाग की ओर से 3 नए खाद्य व्यवसाय पंजीकरण (Registration) किए गए, जबकि 1 खाद्य व्यवसायी को खाद्य लाइसेंस (License) जारी किया गया।
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी सुश्री श्वेता अमृता लकड़ा ने उपस्थित खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि प्रत्येक खाद्य व्यवसायी का दायित्व है कि वह स्वच्छता, गुणवत्ता और सुरक्षा से संबंधित सभी मानकों का पालन करे। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना केवल कानूनी बाध्यता नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है।
उन्होंने दुकानदारों और होटल संचालकों से खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण और बिक्री के दौरान स्वच्छता बनाए रखने, एक्सपायरी उत्पादों की बिक्री से बचने, लाइसेंस एवं पंजीकरण को समय पर नवीनीकृत कराने तथा खाद्य सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने की अपील की।
उपभोक्ता अधिकारों पर भी रहा विशेष जोर
शिविर के दौरान अधिकारियों ने उपभोक्ता अधिकारों पर विशेष चर्चा की। बताया गया कि प्रत्येक उपभोक्ता को सही वजन, सही मूल्य और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री प्राप्त करने का अधिकार है। यदि किसी भी दुकान या प्रतिष्ठान में गलत माप-तौल अथवा खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित विभाग में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
अधिकारियों ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं बल्कि जागरूकता के माध्यम से ऐसी परिस्थितियों को रोकना है, ताकि व्यापारी और उपभोक्ता दोनों सुरक्षित एवं पारदर्शी व्यापारिक व्यवस्था का हिस्सा बन सकें।
व्यापार में पारदर्शिता बढ़ाने की पहल
निरीक्षक, विधिक माप विज्ञान श्री राकेश कुमार ने व्यवसायियों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी व्यापारी अपने माप-तौल उपकरणों का निर्धारित अवधि पर सत्यापन एवं नवीकरण अवश्य कराएं। उन्होंने कहा कि प्रमाणित उपकरणों का उपयोग करने से ग्राहकों का विश्वास बढ़ता है और व्यापार की साख मजबूत होती है।
उन्होंने यह भी कहा कि विभाग समय-समय पर ऐसे जागरूकता शिविर आयोजित करता रहेगा ताकि व्यवसायियों को विभागीय प्रक्रियाओं के लिए कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें और अधिक से अधिक सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा सकें।
प्रशासन की पहल से आसान हुई प्रक्रिया
शिविर में शामिल कई व्यवसायियों ने बताया कि इस तरह के समाधान शिविर से उन्हें काफी सुविधा मिली। पहले जिन कार्यों के लिए अलग-अलग कार्यालयों में जाना पड़ता था, वे अब एक ही स्थान पर आसानी से पूरे हो गए। इससे समय और संसाधनों दोनों की बचत हुई।
जिला प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार के शिविरों से सरकारी सेवाओं की पहुंच आम लोगों तक सरल और प्रभावी तरीके से सुनिश्चित होती है। साथ ही नियमों के पालन के प्रति सकारात्मक माहौल भी बनता है।
जिला प्रशासन की अपील
कार्यक्रम के समापन पर जिला प्रशासन, गोड्डा ने जिले के सभी व्यवसायियों, दुकानदारों एवं खाद्य कारोबारियों से अपील की कि वे विधिक माप विज्ञान अधिनियम एवं खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के सभी प्रावधानों का पालन करें। साथ ही समय-समय पर आयोजित होने वाले जागरूकता एवं समाधान शिविरों में भाग लेकर विभागीय सेवाओं का लाभ उठाएं।
प्रशासन ने कहा कि सही माप-तौल, गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री और उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा एक स्वस्थ एवं पारदर्शी व्यापारिक व्यवस्था की आधारशिला है। जिला प्रशासन भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से व्यापारियों एवं उपभोक्ताओं के बीच जागरूकता बढ़ाने तथा विभागीय सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
