Edit By: शाहीन खान 

गोड्डा, 1 अगस्त। पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, गोड्डा में शुक्रवार को राष्ट्रीय एकता पर्व-2026 के तहत आयोजित क्लस्टर स्तरीय कला उत्सव एवं ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ प्रतियोगिताओं ने भारतीय संस्कृति, विविधता और राष्ट्रीय एकता का जीवंत संदेश दिया। सात केंद्रीय विद्यालयों के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने संगीत, नृत्य, नाटक, चित्रकला, हस्तकला, प्रश्नोत्तरी सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं में शानदार प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का मन मोह लिया।

इस भव्य आयोजन में पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, गोड्डा के साथ जामताड़ा, मधुपुर, सिंघारसी, गिरिडीह, दुमका और साहिबगंज के केंद्रीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। पूरे परिसर में देशभक्ति, सांस्कृतिक समरसता और भारतीय परंपराओं की सुंदर झलक देखने को मिली। विद्यार्थियों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने “विविधता में एकता” की भावना को साकार करते हुए राष्ट्रीय एकीकरण का सशक्त संदेश दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ अनुमंडल पदाधिकारी वैद्यनाथ उरांव, विद्यालय के प्राचार्य रजनीश कमल, जिला संस्कृति एवं कला संयोजक सुरजीत झा तथा अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अतिथियों ने प्रतिभागी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए आयोजन की सराहना की।

अपने संबोधन में अनुमंडल पदाधिकारी वैद्यनाथ उरांव ने कहा कि राष्ट्रीय एकता पर्व केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि देश की विविध संस्कृतियों को एक सूत्र में जोड़ने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि कला उत्सव विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करता है, जबकि ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम उन्हें देश के विभिन्न राज्यों की भाषाओं, संस्कृति और परंपराओं से परिचित कर राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करता है।

विद्यालय के प्राचार्य रजनीश कमल ने कहा कि केंद्रीय विद्यालय संगठन शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता देता है। ऐसे आयोजन बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ भारतीय संस्कृति और विरासत के प्रति सम्मान की भावना विकसित करते हैं।

कला उत्सव के अंतर्गत ग्रुप सॉन्ग, सोलो सॉन्ग, ग्रुप डांस, सोलो डांस, नाटक, आर्ट एंड क्राफ्ट एवं पेंटिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। वहीं एक भारत श्रेष्ठ भारत के तहत प्रश्नोत्तरी, गायन, नृत्य, चित्रकला एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को भारत की सांस्कृतिक विविधता से रूबरू कराया गया।

विशेषज्ञ निर्णायक मंडल ने प्रतिभागियों की रचनात्मकता, मौलिकता, प्रस्तुति और विषय की समझ के आधार पर निष्पक्ष मूल्यांकन किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर उत्साह, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम की भावना से सराबोर रहा। विद्यार्थियों की प्रभावशाली प्रस्तुतियों ने यह साबित कर दिया कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी “विविधता में एकता” है और ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हुए राष्ट्र निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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