रिपोर्ट:- शाहीन खान
गोड्डा, 1 अगस्त। खरीफ सीजन में किसानों को निर्धारित मूल्य पर पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध कराने और कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने पूरे गोड्डा जिले में विशेष जांच अभियान शुरू कर दिया है। उपायुक्त लोकेश मिश्रा के निर्देश पर सभी अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) एवं अंचल अधिकारी (सीओ) अपने-अपने क्षेत्रों में उर्वरक दुकानों, भंडारण स्थलों और स्टॉक की सघन जांच करेंगे।
जिला प्रशासन को प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 की तुलना में जून 2026 में जिले में यूरिया की बिक्री में असामान्य वृद्धि दर्ज की गई है। इसे गंभीरता से लेते हुए संभावित कालाबाजारी, जमाखोरी और अनियमित बिक्री की आशंका के मद्देनजर यह विशेष अभियान शुरू किया गया है।
अभियान के तहत अधिकारियों द्वारा उर्वरक दुकानों का औचक निरीक्षण किया जाएगा। जांच के दौरान ई-पॉस मशीन की उपलब्धता एवं कार्यशीलता, स्टॉक रजिस्टर, बिक्री पंजी, भंडारण व्यवस्था, मूल्य सूची, ऑनलाइन स्टॉक, किसानों को ई-पॉस के माध्यम से उर्वरक वितरण तथा क्रय-विक्रय से जुड़े सभी अभिलेखों का गहन सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन ने विस्तृत चेकलिस्ट भी जारी की है, ताकि निरीक्षण पूरी पारदर्शिता और प्रभावशीलता के साथ संपन्न हो सके।
उपायुक्त लोकेश मिश्रा ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि यदि किसी भी उर्वरक विक्रेता के यहां कालाबाजारी, अवैध भंडारण, निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री, स्टॉक में गड़बड़ी अथवा अन्य किसी भी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित के विरुद्ध उर्वरक (नियंत्रण) आदेश एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने सभी उर्वरक विक्रेताओं से सरकारी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करने और किसानों को निर्धारित मूल्य पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने की अपील की है। वहीं किसानों से भी आग्रह किया गया है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही ई-पॉस मशीन के माध्यम से उर्वरक खरीदें तथा कालाबाजारी, जमाखोरी या किसी भी प्रकार की अनियमितता की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।
प्रशासन ने दोहराया है कि किसानों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और जिले में उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यह विशेष जांच अभियान लगातार जारी रहेगा।
