गाजियाबाद/लखनऊ। कांवड़ यात्रा के दौरान मुस्लिम पुलिसकर्मियों की ड्यूटी को लेकर दिए गए एक बयान ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता एवं सांसद संजय सिंह ने एक वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को टैग कर सवाल उठाए हैं।
वायरल वीडियो में गाजियाबाद के हिंदुत्ववादी कार्यकर्ता सत्यम पंडित कथित तौर पर यह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि “कोई भी मुस्लिम पुलिसकर्मी कांवड़ यात्रा में ड्यूटी नहीं करेगा।” इस वीडियो को न्यूज24 ने भी साझा किया है, जिसके बाद इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया।
संजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि यह बयान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खुलेआम चुनौती देने जैसा है। उन्होंने कहा कि वर्दी पहनने वाला व्यक्ति सबसे पहले देश और कानून का प्रहरी होता है, उसकी पहचान उसके धर्म से नहीं बल्कि उसके कर्तव्य से होती है। उन्होंने सवाल किया कि कोई आम नागरिक पुलिस की तैनाती तय करने का फरमान कैसे जारी कर सकता है।
इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी तीखी बहस छिड़ गई है। एक पक्ष इसे धार्मिक आधार पर भेदभाव की कोशिश बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष कांवड़ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अलग-अलग तर्क दे रहा है।
गौरतलब है कि कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन की होती है। पुलिसकर्मियों की तैनाती प्रशासनिक जरूरतों और सुरक्षा मानकों के आधार पर की जाती है, न कि किसी धार्मिक पहचान के आधार पर।
सत्यम पंडित इससे पहले भी अपने विवादित बयानों और मुस्लिम दुकानदारों को लेकर वायरल हुए वीडियो के कारण चर्चा में रह चुके हैं। इस नए बयान के सामने आने के बाद प्रदेश में कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
