प्रभात फेरी, शानदार परेड और उत्कृष्ट कार्य करने वालों का होगा सम्मान; सुरक्षा से लेकर मंच व्यवस्था तक हर तैयारी पर प्रशासन की पैनी नजर
Edit: SHAHIN KHAN
गोड्डा,
79वें स्वतंत्रता दिवस समारोह को यादगार और भव्य बनाने के लिए गोड्डा जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। बुधवार को समाहरणालय सभागार में जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त लोकेश मिश्रा और पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई, जिसमें समारोह की सभी व्यवस्थाओं की बिंदुवार समीक्षा कर अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 15 अगस्त का मुख्य ध्वजारोहण एवं जिला स्तरीय समारोह गांधी मैदान, गोड्डा में आयोजित होगा। समारोह में स्कूली छात्र-छात्राओं की प्रभात फेरी, आकर्षक परेड, राष्ट्रगान का पूर्वाभ्यास, स्वतंत्रता सेनानियों एवं शहीद जवानों के आश्रितों का सम्मान तथा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया जाएगा।
उपायुक्त लोकेश मिश्रा ने स्पष्ट निर्देश दिया कि मंच निर्माण, वीआईपी एवं आम नागरिकों के बैठने की व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा, अग्निशमन, पेयजल, शौचालय, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, ध्वनि विस्तारक यंत्र, आमंत्रण पत्र वितरण, महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण और अन्य सभी व्यवस्थाएं तय समय सीमा के भीतर पूरी कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि समारोह गरिमामय, सुरक्षित और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि 10 अगस्त से प्रतिदिन सुबह 7 बजे गांधी मैदान में परेड का पूर्वाभ्यास शुरू होगा। परेड की गुणवत्ता और अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए सर्जेंट मेजर के साथ विस्तृत चर्चा कर आवश्यक तैयारियों की रूपरेखा तय की गई।
पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार ने समारोह के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए सभी सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने और व्यापक सुरक्षा प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं आयोजन समिति के सदस्यों ने भी कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जिन पर उपायुक्त ने सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि इस वर्ष का स्वतंत्रता दिवस समारोह देशभक्ति, अनुशासन, जनभागीदारी और बेहतर प्रशासनिक समन्वय का ऐसा उदाहरण बने, जिसे गोड्डा लंबे समय तक याद रखे।
