उच्च जोखिम वाले गांवों में फोकल IDA/MDA अभियान का शुभारंभ, 15 दिनों तक चलेगा विशेष अभियान
गोड्डा, 20 अप्रैल।
जिले में फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, गोड्डा द्वारा फोकल IDA/MDA (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह अभियान राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य जिले को इस गंभीर बीमारी से मुक्त करना है।
इस अभियान के तहत प्रखंड के चिन्हित उच्च जोखिम वाले गांवों में स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर लोगों को निःशुल्क दवा (आईवरमेक्टिन, डाइएथाइलकार्बामाजिन और एल्बेंडाजोल) खिलाएंगे। इसका मुख्य उद्देश्य संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ना और बीमारी के प्रसार पर प्रभावी रोक लगाना है।
फाइलेरिया, जिसे आम भाषा में हाथीपांव भी कहा जाता है, एक गंभीर और दीर्घकालिक रोग है, जो संक्रमित मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलता है। यह बीमारी व्यक्ति को स्थायी विकलांगता की ओर धकेल सकती है, जिससे उसका सामान्य जीवन प्रभावित होता है। ऐसे में यह अभियान जनस्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए जिला मलेरिया पदाधिकारी सह प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रविंद्र पासवान ने कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन स्वास्थ्य विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे निर्धारित तिथियों पर दवा का सेवन अवश्य करें और इस अभियान को सफल बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
यह विशेष अभियान 20 अप्रैल से अगले 15 दिनों तक चलेगा। इस दौरान एएनएम, सहिया, सेविका और पोषण सखी गांव-गांव और वार्ड स्तर पर जाकर दवा वितरण और सेवन सुनिश्चित करेंगी।
अभियान के निरीक्षण के क्रम में केटीएस उषा किरण ने गरबन्ना एवं हरिपुर जैसे हॉटस्पॉट क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने स्वयं दवा का सेवन कर लोगों को जागरूक किया और अभियान के प्रति सकारात्मक संदेश दिया।
इस मौके पर स्थानीय सीएचओ, एएनएम, सहिया, सेविका, पोषण सखी सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।















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