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Truth Over Fear

अब नहीं होगी जान जोखिम में: 10 मिनट की दौड़ पर लगा इंसानियत का ब्रेक

नई दिल्ली।

आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स द्वारा ‘10 मिनट डिलीवरी’ की ब्रैंडिंग हटाने के फैसले का स्वागत करते हुए इसे “मानव जीवन की जीत” बताया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के समयबद्ध और संवेदनशील हस्तक्षेप के बाद लिया गया यह कदम डिलीवरी राइडर्स की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी था।

 

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया देते हुए चड्ढा ने लिखा— “सत्यमेव जयते! हम सब की जीत हुई।” उन्होंने कहा कि 10 मिनट का टैग राइडर्स की टी-शर्ट, जैकेट या बैग पर लिखा होना और ग्राहक की स्क्रीन पर लगातार चलता टाइमर, राइडर्स पर खतरनाक दबाव बनाता था। यही दबाव सड़क पर जोखिम बढ़ाता है—जो न सिर्फ राइडर्स बल्कि आम लोगों के लिए भी खतरा बनता है।

 

अवास्तविक वादों’ से उपजी जोखिम भरी सच्चाई

 

चड्ढा के मुताबिक, बीते महीनों में उन्होंने सैकड़ों डिलीवरी पार्टनर्स से बातचीत की, जिन्होंने ओवरवर्क, कम भुगतान और अव्यावहारिक समय-सीमा के कारण अपनी जान जोखिम में डालने की बात कही। उनका कहना है कि तेज़ी के नाम पर सुरक्षा से समझौता किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं।

 

सरकारी हस्तक्षेप से बदला ट्रेंड

 

सांसद ने केंद्र सरकार के फैसले को सड़क सुरक्षा की दिशा में अहम कदम बताते हुए कहा कि इससे राइडर्स और आम नागरिक—दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। उन्होंने उन सभी नागरिकों का आभार जताया, जिन्होंने मानव जीवन, सुरक्षा और सम्मान के पक्ष में आवाज़ उठाई।

 

यह घटनाक्रम गिग इकोनॉमी में काम करने वाले लाखों श्रमिकों के लिए नीतिगत संतुलन की ओर इशारा करता है—जहां सुविधा के साथ सुरक्षा को भी समान प्राथमिकता दी जाए।

 

 

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