मूलभूत सुविधाओं, विकास कार्यों में पारदर्शिता और जनहित के मुद्दों को लेकर उठाई आवाज; प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
गोड्डा, । नगर परिषद गोड्डा में विकास कार्यों और नागरिक सुविधाओं को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। मूलभूत सुविधाओं की स्थिति, विकास कार्यों में पारदर्शिता और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर नगर परिषद के उपाध्यक्ष, पार्षद एवं पार्षद प्रतिनिधि धरने पर बैठ गए। जनप्रतिनिधियों के इस कदम से नगर परिषद की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
धरने पर बैठे जनप्रतिनिधियों ने कहा कि नगर परिषद क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में आम लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सड़क, नाली, साफ-सफाई, जल निकासी सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मामलों के समाधान की लगातार मांग की जाती रही है। इसके बावजूद समस्याओं के अपेक्षित समाधान नहीं होने से जनप्रतिनिधियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
पार्षदों का कहना है कि नगर क्षेत्र में होने वाले विकास कार्यों में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। योजनाओं का लाभ वास्तविक रूप से आम जनता तक पहुंचे और कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित हो, इसके लिए जवाबदेही तय की जानी चाहिए। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि वार्डों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और जनता के सवालों का जवाब देना जरूरी है।
जनहित के मुद्दों पर आर-पार के मूड में जनप्रतिनिधि
धरने के दौरान जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध करना नहीं, बल्कि नगर की जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाना है। उन्होंने प्रशासन से लंबित समस्याओं के शीघ्र समाधान, विकास कार्यों की समीक्षा तथा कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि नगर परिषद की योजनाओं और विकास कार्यों को लेकर जनता के बीच स्पष्टता होनी चाहिए। वार्ड स्तर पर नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर उनका समयबद्ध तरीके से निष्पादन किया जाना चाहिए।
नगर परिषद के उपाध्यक्ष, पार्षदों एवं प्रतिनिधियों के धरने के बाद अब प्रशासन और नगर परिषद प्रबंधन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। जनप्रतिनिधियों की मांगों पर क्या पहल होती है और नगर की समस्याओं के समाधान को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
