Edit By:- शाहीन खान
गोड्डा, प्रतिनिधि। जल जीवन मिशन 2.0 के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित एवं चयनित पेयजलापूर्ति योजनाओं को धरातल पर प्रभावी और स्थायी बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है। इसी क्रम में जिला जल एवं स्वच्छता समिति की टीम ने जिले के विभिन्न प्रखंडों में संचालित चार पेयजलापूर्ति योजनाओं का स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य योजनाओं की तकनीकी गुणवत्ता, निर्माण एवं कार्य प्रगति तथा ग्रामीणों को मिल रही वास्तविक पेयजल सुविधा का जायजा लेना रहा।
निरीक्षण के दौरान बोआरीजोर प्रखंड की लीलातरी पंचायत, सुंदरपहाड़ी प्रखंड की चंदना पंचायत तथा पोड़ैयाहाट प्रखंड की सिंदबांक पंचायत सहित चयनित योजनाओं की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने जल स्रोत, पाइपलाइन नेटवर्क, पंप एवं अन्य उपकरणों, घरेलू नल कनेक्शन (FHTC) तथा योजना के संचालन एवं रख-रखाव की जानकारी ली।
इस दौरान संबंधित तकनीकी एवं प्रशासनिक पदाधिकारियों से योजनाओं की वर्तमान स्थिति, जलापूर्ति की नियमितता और इससे लाभान्वित ग्रामीण परिवारों के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि हर पात्र ग्रामीण परिवार तक घरेलू नल के माध्यम से पर्याप्त, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पानी नियमित रूप से पहुंचे।
योजनाओं की कार्यशीलता और स्थायित्व पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त-सह-नोडल पदाधिकारी श्री विस्पुते श्री कांत यशवंत ने योजनाओं की कार्यशीलता एवं स्थायित्व को लेकर विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत बनाई गई योजनाओं का उद्देश्य केवल आधारभूत संरचना तैयार करना नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों को लंबे समय तक सुरक्षित एवं नियमित पेयजल उपलब्ध कराना है। इसके लिए योजनाओं की नियमित निगरानी और प्रभावी संचालन एवं रख-रखाव बेहद जरूरी है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां भी नल कनेक्शन, पाइपलाइन, विद्युत, पंप या अन्य तकनीकी समस्या सामने आए, उसका शीघ्र समाधान किया जाए। साथ ही जल स्रोतों की पर्याप्तता एवं स्थायित्व पर भी लगातार नजर रखने को कहा गया, ताकि गर्मी अथवा अन्य परिस्थितियों में भी पेयजलापूर्ति बाधित न हो।
शिकायतों के त्वरित निराकरण का निर्देश
निरीक्षण के दौरान योजनाओं के संचालन एवं रख-रखाव में स्थानीय स्तर पर सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। संबंधित कर्मियों को निर्देश दिया गया कि किसी भी तकनीकी या संचालन संबंधी समस्या की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की जाए। साथ ही ग्रामीणों से नियमित फीडबैक लेने और उनकी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित करने को कहा गया।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जल जीवन मिशन 2.0 के तहत संचालित योजनाओं की लगातार समीक्षा और स्थल निरीक्षण जारी रहेगा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में ‘हर घर नल से जल’ के लक्ष्य को वास्तविक रूप से धरातल पर उतारा जा सके और लोगों को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल की स्थायी सुविधा मिल सके।
निरीक्षण के दौरान जिला समन्वयक, IEC, संबंधित कनीय अभियंता एवं पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के तकनीकी कर्मी मौजूद रहे।
