रिपोर्ट:- शाहीन खान
गोड्डा,। पवित्र सावन माह में श्रद्धालुओं को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने खाद्य पदार्थों में मिलावट और अनियमितताओं के विरुद्ध सख्त अभियान शुरू कर दिया है। उपायुक्त लोकेश मिश्रा के निर्देशन में शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी डॉ. श्वेता अमृता लकड़ा एवं वैशाली कुमारी ने पोड़ैयाहाट चौक स्थित विभिन्न मिठाई दुकानों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई दुकानों में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन सामने आया, जिस पर मौके पर ही कार्रवाई की गई।
निरीक्षण के दौरान मेसर्स अमित स्वीट्स में खराब जलेबी तथा स्टार्च युक्त रसगुल्ले पाए गए। वहीं मेसर्स पीयुषी स्वीट्स से लगभग 40 बोतल एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक बरामद हुई। इसके अलावा मेसर्स सोनू कुमार भगत के प्रतिष्ठान से करीब 25 बोतल एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक और खराब जलेबी मिली। खाद्य सुरक्षा टीम ने सभी खराब एवं एक्सपायरी खाद्य पदार्थों को तत्काल नष्ट कराते हुए दुकानदारों को भविष्य में ऐसी लापरवाही नहीं बरतने की सख्त चेतावनी दी।
जांच के दौरान कई दुकानदार बिना वैध फूड लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन के कारोबार करते भी पाए गए। ऐसे सभी दुकानदारों को एक सप्ताह के भीतर आवश्यक लाइसेंस बनवाने का निर्देश दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय सीमा के बाद भी नियमों का पालन नहीं करने वालों पर जुर्माना लगाने के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने सभी खाद्य कारोबारियों को अपने प्रतिष्ठानों में स्वच्छता बनाए रखने, गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री बेचने तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के सभी प्रावधानों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य में मिलावट, एक्सपायरी खाद्य पदार्थों की बिक्री अथवा अन्य मानकों के उल्लंघन की शिकायत मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठान का लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन निरस्त करने सहित कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सावन माह और आगामी त्योहारों को देखते हुए खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच का अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि आम लोगों और श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सके।
