गिरिडीह/दुमका/लातेहार। झारखंड में मंगलवार को हुई बारिश कई परिवारों के लिए जिंदगी भर का दर्द छोड़ गई। राज्य के तीन जिलों—गिरिडीह, दुमका और लातेहार—में आकाशीय बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य घायल हो गए। सबसे मार्मिक तस्वीर गिरिडीह के गावां थाना क्षेत्र से सामने आई, जहां खेत में काम कर रही एक महिला की मौत के बाद उसके तीन छोटे बच्चे मां के शव के पास बिलखते रहे।
जानकारी के अनुसार, सबसे अधिक नौ मौतें गिरिडीह जिले में हुईं। खोरीमहुआ अनुमंडल के देवरी थाना क्षेत्र में पांच लोगों की जान चली गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। बताया गया कि ये सभी युवक खेल खत्म होने के बाद एक स्थान पर बैठे थे, तभी अचानक आकाशीय बिजली गिर गई। मृतकों में चार की उम्र 18 से 20 वर्ष के बीच बताई जा रही है। वहीं, गावां और नौडीहा थाना क्षेत्रों में दो अन्य लोगों की मौत हुई, जबकि बगोदर थाना क्षेत्र में भी एक व्यक्ति की जान चली गई।
गावां थाना क्षेत्र के पटना चौक स्थित भेलवा मुख्य पथ के किनारे हुई घटना ने हर किसी को भावुक कर दिया। 35 वर्षीय पूनम देवी सुबह से खेत में धान रोपाई कर रही थीं। दोपहर में अन्य महिलाओं के साथ बरगद के पेड़ के नीचे भोजन करने के दौरान अचानक बिजली गिरने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद उनके तीन मासूम बच्चे मां के शव से लिपटकर रोते रहे। ग्रामीणों ने बताया कि मृतका का पति दिल्ली में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता है। इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
उधर, दुमका जिले के रामगढ़ प्रखंड में बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक बच्चे समेत चार लोग घायल हुए हैं। वहीं, लातेहार जिले में भी अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दो लोगों की मौत हुई और एक महिला गंभीर रूप से झुलस गई।
लगातार हो रही बारिश के बीच आकाशीय बिजली की घटनाओं ने एक बार फिर लोगों को सतर्क रहने की जरूरत का एहसास कराया है। प्रशासन ने खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और खेतों में काम करने से बचने तथा मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।
