गुप्त सूचना पर महागामा पुलिस की कार्रवाई, एक आरोपी गिरफ्तार; पूछताछ में खुला चोरी की बाइक खरीद-बिक्री का नेटवर्क
Edit By:Shahin Khan
गोड्डा। महागामा थाना क्षेत्र के एक साधारण से गांव की झोपड़ी में ऐसा राज छिपा था, जिसने पुलिस को भी चौंका दिया। गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में पुलिस ने चोरी की मोटरसाइकिलों के खरीद-बिक्री के एक कथित नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए चार चोरी की बाइक बरामद की हैं। मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है, जबकि उसके अन्य साथियों की तलाश तेज कर दी गई है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिले में वाहन चोरी के मामलों के खुलासे के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान 2 अगस्त को सूचना मिली कि महागामा थाना क्षेत्र के समरी गांव में चोरी की मोटरसाइकिलों का अवैध कारोबार चल रहा है। सूचना मिलते ही अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई और समरी गांव में छापेमारी की गई।
छापेमारी के दौरान अनिल यादव (22) के घर से बिना नंबर प्लेट और घिसे हुए चेसिस नंबर वाली एक पैशन प्रो मोटरसाइकिल बरामद हुई। पुलिस ने मौके से अनिल यादव को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी की मोटरसाइकिलों की खरीद-बिक्री करता था। उसकी निशानदेही पर गांव की एक झोपड़ी में छिपाकर रखी गई तीन अन्य चोरी की मोटरसाइकिलें भी बरामद कर ली गईं। इस तरह पुलिस ने कुल चार चोरी की बाइक अपने कब्जे में ले लीं।
इस मामले में महागामा थाना कांड संख्या 147/26 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2), 317(2) एवं 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चोरी की मोटरसाइकिलें कहां से लाई जाती थीं और किन लोगों तक पहुंचाई जाती थीं।
छापेमारी दल में पुलिस निरीक्षक उपेन्द्र कुमार महतो, अवर निरीक्षक मनोज कुमार पाल, द्वारिका प्रसाद, सहायक अवर निरीक्षक खालिद अहमद खाँ समेत रिजर्व गार्ड के जवान शामिल थे।
पुलिस का कहना है कि जिले में वाहन चोरी और चोरी के वाहनों की खरीद-बिक्री करने वाले गिरोहों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
