रिपोर्ट:- शाहीन खान
रांची, प्रतिनिधि। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर राजधानी रांची में अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार जारी है। करीब 15 दिनों से चल रहे प्रदर्शन के बीच राज्य सरकार की ओर से जेपीएससी परीक्षा रद्द करने की मांग पर विचार किए जाने के संकेत से अभ्यर्थियों में उम्मीद जगी है।
झारखंड सरकार की मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने कहा है कि अभ्यर्थी जेपीएससी परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे हैं और सरकार इस मांग पर विचार कर रही है। एएनआई द्वारा जारी वीडियो में मंत्री ने कहा, “छात्र वास्तव में परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे हैं, जिस पर सरकार इस समय विचार कर रही है।”
पेपर लीक और अनियमितताओं का आरोप
25 जुलाई से शुरू हुआ अभ्यर्थियों का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। प्रदर्शनकारी 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा समेत संबंधित परीक्षाओं को रद्द करने, कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच कराने और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग कर रहे हैं।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि परीक्षाओं की निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर स्पष्ट और ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
10 अगस्त को विधानसभा मार्च की तैयारी
सरकार और आंदोलनरत अभ्यर्थियों के बीच बातचीत का दौर जारी है, लेकिन अब तक प्रमुख मांगों पर कोई अंतिम फैसला सामने नहीं आया है। प्रदर्शनकारियों ने संकेत दिया है कि यदि जल्द उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो 10 अगस्त को विधानसभा मार्च किया जाएगा।
राजधानी में लगातार जारी प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। वहीं, मंत्री के बयान के बाद अब सबकी निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। क्या सरकार जेपीएससी परीक्षा रद्द करने का फैसला लेगी या कोई वैकल्पिक रास्ता निकलेगा—इस पर अभ्यर्थियों के साथ-साथ पूरे राज्य की नजर है।
