देवघर, 3 अगस्त 2026 :
गोड्डा लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे की संसदीय सदस्यता रद्द करने और उनके खिलाफ लोकपाल, सीबीआई, ईडी, एफआईयू-आईएनडी, आयकर विभाग सहित अन्य एजेंसियों से विस्तृत जांच कराने की मांग को लेकर देवघर निवासी चमन कुमार ने लोकसभा अध्यक्ष को 5 पन्नों का विस्तृत पत्र सौंपा है।
पत्र में सांसद, उनकी पत्नी अनामिका गौतम और परिवार के अन्य सदस्यों पर गंभीर भ्रष्टाचार, शेल कंपनियों के माध्यम से अवैध संपत्ति अर्जन, आय छिपाने और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए गए हैं। आवेदक का कहना है कि ये सभी मामले संसदीय नैतिकता का उल्लंघन करते हैं और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 8 के तहत सांसद की सदस्यता पर सवाल खड़े करते हैं।
आरोप है कि 22 नवंबर 2023 को दिल्ली में पंजीकृत “बाबा बैद्यनाथ मेडिकल ट्रस्ट” की अध्यक्ष सांसद की पत्नी अनामिका गौतम हैं। उनके दोनों पुत्र महिकांत दुबे और कनिष्कांत दुबे ट्रस्टी हैं। ट्रस्ट बनने के एक सप्ताह के भीतर ही 29 नवंबर 2023 को एसबीआई देवघर शाखा में खाता खोलकर 5 से 20 दिसंबर 2023 के बीच 19 करोड़ 79 लाख रुपये जमा कराए गए। इनमें 9 करोड़ 57 लाख रुपये शेल कंपनियों से “दान” के रूप में आए, जिनके केवाईसी और पते फर्जी पाए गए।
पत्र में सबसे गंभीर आरोप 18 अगस्त 2025 के लेन-देन को लेकर है। इसमें सीबीआई जांच का सामना कर रही “एफटीए एचएसआरपी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड” द्वारा ट्रस्ट के खाते में 2 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए। इसे “ब्राइब मनी” बताया गया है। इस कंपनी के डायरेक्टर सरल वर्मा हैं, जिनका संबंध सीबीआई द्वारा चार्जशीटेड “फ्रॉस्ट इंटरनेशनल लिमिटेड” से है। सरल वर्मा पर धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र के तहत एफआईआर दर्ज है और उनकी जमानत खारिज हो चुकी है।
*शिवधाम में शेल कंपनियों से जमीन खरीद और फर्जी रेंट एग्रीमेंट*
आवेदक ने आरोप लगाया है कि सांसद ने “कार्निवल एम्पोरियो एलएलपी” नामक शेल कंपनी के जरिए देवघर के श्यामगंज में 7.21 करोड़ रुपये की प्राइम जमीन खरीदी। जबकि कंपनी की बुक वैल्यू मात्र 8.96 लाख रुपये थी। खरीद में ध्रुव कांत कुशवाहा को खरीदार दिखाया गया, जबकि आरओसी रिकॉर्ड में उनका नाम न पार्टनर है न डायरेक्टर। रजिस्ट्री में पैन और आधार का उल्लेख तक नहीं किया गया। 3 करोड़ रुपये चेक और शेष राशि आरटीजीएस से दी गई। यह धन “कार्निवल इन्फ्रास्ट्रक्चर एमपी” कंपनी से आया। इसके अलावा ईडी जांच के दायरे में चल रहे श्रीकांत भसी ने “कार्निवल रियल्टी इंडिया प्रा. लि.” में 5.84 करोड़ का निवेश किया है। आरोप है कि 2019 में आय छिपाने के लिए फर्जी रेंट एग्रीमेंट बनाया गया और 1 लाख की अधिकृत पूंजी वाली कंपनी को बाद में करीबियों को लीज पर दे दिया गया।
*”ऑनलाइन एंटरटेनमेंट प्रा. लि.” में 3 करोड़ का नकद भुगतान*
पत्र में दिल्ली की “ऑनलाइन एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड” कंपनी में भी अनियमितताओं का जिक्र है। कंपनी की अधिकृत पूंजी 1 लाख रुपये है, लेकिन इसके पास 2.75 करोड़ की लग्जरी कारें और 19.5 करोड़ की संपत्ति है। अनामिका गौतम और शेषाद्रि दुबे डायरेक्टर हैं। 2019-20 से 2021-22 तक कंपनी में एक रुपये का वेतन खर्च नहीं दिखाया गया, फिर भी करोड़ों का लेन-देन हुआ।
29 अगस्त 2019 को “एलोकेशी धाम” संपत्ति 3 करोड़ रुपये नकद में खरीदी गई, जबकि इसका सरकारी मूल्य 18.14 करोड़ और बाजार मूल्य लगभग 40 करोड़ रुपये था। इस लेन-देन में टीडीएस नहीं काटा गया, जो आयकर अधिनियम 1961 का उल्लंघन है।
पत्र की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री, लोकपाल, सीवीसी, सीबीआई, ईडी, झारखंड के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और देवघर के उपायुक्त व एसपी को भी भेजी गई है।
फिलहाल इस संबंध में सांसद निशिकांत दुबे की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
क्या है मांगचमन कुमार ने लोकसभा अध्यक्ष से 4 मुख्य मांगें की हैं:
1. मामले को लोकसभा की नैतिकता समिति और विशेषाधिकार समिति को भेजा जाए।
2. लोकपाल, सीवीसी, सीबीआई, ईडी, एफआईयू-आईएनडी और आयकर विभाग से स्वतंत्र-निष्पक्ष जांच कराई जाए।
3. जांच रिपोर्ट के आधार पर जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 8 के तहत सांसद की सदस्यता रद्द की जाए।
4. परिवार की सभी कंपनियों, ट्रस्टों और संपत्तियों की विस्तृत जांच हो।




