प्रो. प्रेम नंदन कुमार के नेतृत्व में झामुमो ने मनाया 171वां हूल दिवस, शहीदों को दी श्रद्धांजलि

गोड्डा। 171वें हूल दिवस के अवसर पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की जिला इकाई ने सोमवार को जिला अध्यक्ष प्रो. प्रेम नंदन कुमार के नेतृत्व में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यकर्ताओं ने कारगिल चौक स्थित अमर शहीद सिदो-कान्हू तथा गोड्डा प्रखंड कार्यालय के समीप स्थापित अमर शहीद फूलो-झानो की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर हूल क्रांति के वीर नायकों को नमन किया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता पारंपरिक वाद्य यंत्र, ढोल-नगाड़े तथा तीर-धनुष के साथ शामिल हुए। पूरा परिसर “सिदो-कान्हू अमर रहें”, “फूलो-झानो अमर रहें”, “झारखंड मुक्ति मोर्चा जिंदाबाद” और “जब तक सूरज-चांद रहेगा, सिदो-कान्हू तेरा नाम रहेगा” जैसे नारों से गूंजता रहा।

इस अवसर पर जिला अध्यक्ष प्रो. प्रेम नंदन कुमार ने कहा कि हूल क्रांति भारत के स्वतंत्रता संग्राम का पहला बड़ा जनविद्रोह था, जिसकी शुरुआत 1855 में सिदो-कान्हू के नेतृत्व में भोगनाडीह से हुई थी। उन्होंने कहा कि आदिवासी वीरों ने जल, जंगल, जमीन, अस्मिता, समानता और न्याय की रक्षा के लिए अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ ऐतिहासिक संघर्ष किया, जिसने संताल परगना को देशभर में अलग पहचान दिलाई।

प्रो. कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में भी हूल दिवस का महत्व बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार संविधान से छेड़छाड़ कर लोगों के अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास कर रही है तथा विकास के नाम पर भूमि अधिग्रहण, बेरोजगारी, पेपर लीक और किसानों एवं युवाओं की समस्याएं बढ़ रही हैं। उन्होंने लोगों से हूल क्रांति के नायकों के आदर्शों पर चलने और अन्याय के खिलाफ एकजुट रहने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में जिला सचिव वासुदेव सोरेन, पुष्पेंद्र टुडू, श्याम हेंब्रम, युसूफ अंसारी, अवध किशोर हांसदा, विनोद मुर्मू, मेरी सोरेन, मो. अजीमुद्दीन, मो. आरमगान, बालमुकुंद महतो, राजकुमार दास, रामचंद्र सोरेन, संतोष महतो, राजेश हांसदा, शंकर मंडल, प्रशांत भगत, सुमन कुमार, फिरदौस आलम सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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